नई दिल्ली। पिछले कुछ महीनों में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट (Repo Rate) में वृद्धि के बाद से कई बैंकों ने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों (Fixed Deposit Interest Rate) में वृद्धि कर दी है। बैंकों ने रेपो रेट में बढ़ोतरी के अनुरूप अपनी एफडी की ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी की है। निवेशक अब फिक्स्ड डिपॉजिट पर बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। कई भारतीय बैंक अब एफडी पर 7 फीसदी से भी ज्यादा ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि फिक्स्ड डिपॉजिट कई लोगों के लिए सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक है।
निवेश का अच्छा विकल्प हो सकती है एफडी
गौरतलब है कि अक्टूबर के मुद्रास्फीति के आंकड़े अभी तक सामने नहीं आए हैं, जबकि सितंबर 2022 में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति पांच महीने के उच्च स्तर 7.4 फीसदी पर थी। इसलिए, 7 फीसदी तक के रिटर्न की पेशकश करने वाली एफडी निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
आइए जानते हैं पांच बैंकों के बारे में जो तीन साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिक ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं -
प्राइवेट सेक्टर के शेड्यूल कमर्शियल बैंक, डीसीबी बैंक (DCB Bank) और स्मॉल फाइनेंस लेंडर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) तीन साल की फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए 7.5 फीसदी ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं। दूसरी ओर, बंधन बैंक (Bandhan Bank), सिटी यूनियन बैंक (City Union Bank) और करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank) तीन साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7 फीसदी की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं। ध्यान रहे कि ये ब्याज दरें 10 नवंबर 2022 तक की हैं।
इस बीच, सरकार के स्वामित्व वाले सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) ने 2 करोड़ रुपये से कम की एफडी पर अपनी ब्याज दरों में संशोधन किया है और रिटेल निवेशकों के लिए विशेष सावधि जमा योजना शुरू की है। इसने एफडी दरों में 75 आधार अंकों तक की वृद्धि की है। बैंक ने अपने सेविंग अकाउंट की ब्याज दरों में भी संशोधन किया है।
(Disclaimer: यहां टाइम्स नाउ नवभारत द्वारा किसी भी योजना में निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। यह सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी योजना में निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)
