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Pension: बजट से पहले श्रमिक संगठनों की बड़ी मांग, पुरानी पेंशन लौटाओ, EPFO पेंशन बढ़ाओ

Pension: श्रमिक संगठनों ने सरकार से सामाजिक सुरक्षा में दिए जाने वाले योगदान पर टैक्स प्रोत्साहन देने, पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने और ईपीएफओ पेंशनधारकों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 9,000 रुपये मासिक करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि इन कदमों से कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता मिल सकेगी।

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श्रमिकों का सरकार से जोरदार आग्रह, पेंशन बढ़ाओ, कर छूट दो (तस्वीर-istock)

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Pension : श्रमिक संगठनों ने सरकार से कहा है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (जैसे पीएफ और ईएसआई) में कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले योगदान पर टैक्स में छूट दी जाए। साथ ही उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने और ईपीएफओ पेंशन को बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की। इन मांगों को श्रमिक संगठनों ने गुरुवार को बजट तैयारियों के लिए वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में रखा। दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों के ग्रुप ने इस पर एक ज्ञापन भी सौंपा।

आयकर छूट और सामाजिक सुरक्षा की सीमा बढ़ाने की मांग

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक श्रमिक संगठनों ने कहा कि वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए आयकर छूट की सीमा बढ़ाई जाए। इसके साथ ही ईपीएफओ और ईएसआई की योगदान सीमा और पात्रता सीमा में भी बढ़ोतरी की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा खत्म की जाए और पेंशन पर कोई टैक्स न लगाया जाए।

असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कोष

श्रमिक संगठनों ने सुझाव दिया कि असंगठित और कृषि श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक सामाजिक सुरक्षा फंड बनाया जाए। इसके तहत उन्हें न्यूनतम 9,000 रुपये पेंशन, डीए, मेडिकल और शिक्षा से जुड़े लाभ दिए जाएं।

टैक्स बढ़ाकर संसाधन जुटाने का सुझाव

उन्होंने कहा कि जनता पर खाद्य वस्तुओं और दवाइयों पर GST का बोझ बढ़ाने के बजाय, सरकार को कंपनी टैक्स, संपत्ति टैक्स और उत्तराधिकार टैक्स बढ़ाकर धन जुटाना चाहिए। संगठनों के अनुसार, अमीर व्यक्तियों पर 1% उत्तराधिकार टैक्स लगाने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्रों के लिए बड़ी राशि मिल सकती है।

सरकारी नौकरियों में रिक्तियां भरने की मांग

श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की कि सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में सभी खाली पद तुरंत भरे जाएं।

निश्चित अवधि रोजगार खत्म कर नियमित नौकरी की मांग

उन्होंने कहा कि फिक्स्ड टर्म रोजगार को समाप्त कर उसकी जगह स्थायी (नियमित) रोजगार की व्यवस्था लागू की जाए।

नई पेंशन योजना समाप्त करने की मांग

संगठनों ने कहा कि नई पेंशन योजना (NPS) को खत्म किया जाए क्योंकि यह पुरानी पेंशन योजना का विकल्प नहीं है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग दोहराई।

ईपीएस-95 पेंशन बढ़ाने की सिफारिश

उन्होंने ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने और इसे महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ने की भी वकालत की। इसके लिए बजट में अलग से पैसे का प्रावधान करने की मांग की गई।

8वें वेतन आयोग के गठन की मांग

श्रमिक संगठनों ने कहा कि आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) तुरंत बनाया जाए और इसमें पेंशनभोगियों को भी शामिल किया जाए।

न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये तय करने की मांग

उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय श्रम सम्मेलन की सर्वसम्मत सिफारिश के अनुसार न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह (मुद्रास्फीति के अनुसार बढ़ोतरी के साथ) होना चाहिए।

निजीकरण और मौद्रीकरण पाइपलाइन का विरोध

श्रमिक संगठनों ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण और राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन प्रक्रिया को रोका और समाप्त किया जाना चाहिए।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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