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घर खरीदने से पहले जानिए 5x इनकम रूल, कभी नहीं होगी EMI चुकाने की टेंशन

घर खरीदना एक बड़ा वित्तीय फैसला होता है। इसलिए हमेशा इस फैसला को लेने से पहले सावधानी बरतें। ऐसा नहीं करने से बाद में आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं। ईएमआई चुकाना मुश्किल हो सकता है।

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घर की खरीदारी

देशभर में प्रॉपर्टी की कीमत तेजी से बढ़ी है। आज के समय में एक सधारण 2बीएचके फ्लैट की कीमत 80 लाख से 1 करोड़ रुपये पहुंच गई है। इसलिए, घर खरीदने का फैसले लेने से पहले कई बातों की जानकारी जरूरी है। अगर आप भी अपना पहला घर होम लोन लेकर खरीदने की तैयारी में हैं तो आपको 5x इनकम रूल की जानकारी जरूर होनी है। इस रूल को फॉलो कर आप न सिर्फ आसानी से अपनी पसंद की प्रॉपर्टी खरीद पाएंगे, बल्कि होम लोन की ईएमआई चुकाने में भी कभी परेशानी नहीं होगी। खर्च बढ़ने के बाद भी आप टेंशन फ्री रहेंगे। तो आइए जानते हैं कि क्या है 5x इनकम रूल।

क्या है 5x इनकम रूल?

अगर आपकी सालाना कमाई 10 लाख रुपये है, तो आपकी संपत्ति की कीमत अधिकतम 50 लाख रुपये होनी चाहिए। इससे ज्यादा की प्रॉपर्टी अगर आप खरीदेंगे तो ईएमआई के जाल में फंस जाएंगे। बाद में आपको ईएमआई चुकाने में परेशानी होगी। फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि किसी भी व्यक्ति पर मंथली इनकम का 45% से अधिक ईएमआई का बोझ नहीं होना चाहिए। यह सीमा वित्तीय राहत प्रदान करती है। ईएमआई का बोझ कम होने से खर्च बढ़ने के बाद भी भुगतान का दबाव नहीं बनता है। यह नियम आपको बढ़ती ब्याज दरों के दौर में वित्तीय तनाव से बचाता है।

उदाहरण से इसे समझते हैं—

मान लेत हैं कि राम ने नोएडा में कोई 2बीएचके का फ्लैट 60 लाख में खरीदने का फैसला किया। राम की मंथली इन हैंड सैलरी 80 हजार रुपये है। उसने अपनी बचत से 10 लाख रुपये का डाउनपेमेंट किया और 50 लाख रुपये का होम लोन लिया। मौजूदा समय में होम लोन पर ब्याज की दर 7.5% से लेकर 9.5% तक है। अगर राम को बैंक से 7.5% की ब्याज दर पर होम लोन मिला। राम ने 20 साल के लिए होम लोन लिया है तो इस हालात में उसकी ईएमआई 34,961 रुपये होगी। यानी राम इस ईएमआई को आसानी से भुगतान कर पाएगा। वहीं, अगर वह 70 लाख रुपये होम लोन लेगा तो उसकी ईएमआई बढ़कर 48,945 रुपये पहुंच जाएगी। इसे चुकाने में परेशानी होगी। इसलिए हमेशा ईएमआई का बोझ कम रखने की कोशिश करनी चाहिए।

हिडेन चार्ज को न करें अनदेखा

घर खरीदने में कभी भी हिडेन चार्ज को अनदेखा नहीं करें। प्रॉपर्टी खरीदने में रजिस्ट्रेशन शुल्क, बैंक प्रोसेसिंग फीस, क्लब इंट्री फीस, स्टाम्प शुल्क, जीएसटी, इंटीरियर और रखरखाव शुल्क अतिरिक्त खर्च होते हैं। ये लागतें लोन स्वीकृत होने के बाद आती हैं। इसलिए शुरुआत से ही संपत्ति की कीमत से 8 से 10 प्रतिशत अधिक बजट रखें।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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