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KCC Scheme: किसान क्रेडिट कार्ड से बढ़ी किसानों की ताकत, देशभर में 7.72 करोड़ कार्ड एक्टिव

Kisan Credit Card Scheme: केंद्र सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना ने कृषि क्षेत्र में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में KCC के तहत बकाया क्रेडिट 10.2 लाख करोड़ रुपये पार कर गया है और 7.72 करोड़ से अधिक कार्ड एक्टिव हैं। यह योजना किसानों को समय पर और आसान संस्थागत क्रेडिट पहुंचाने के लिए बनाई गई है।

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किसानों को लाभ पहुंचाने में Kisan Credit Card की बड़ी भूमिका (तस्वीर-istock)

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Kisan Credit Card Scheme: कृषि क्षेत्र में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में KCC के तहत बकाया क्रेडिट 10.2 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है और 7.72 करोड़ से अधिक KCC वर्तमान में सक्रिय हैं। यह योजना किसानों को संस्थागत क्रेडिट तक आसान और समय पर पहुँच सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।

व्यापक बैंकिंग नेटवर्क से किसानों को सुविधा

KCC प्लेटफॉर्म पर कुल 457 बैंक शामिल हैं, जिनमें 37 वाणिज्यिक बैंक, 46 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और 374 सहकारी बैंक शामिल हैं। यह व्यापक बैंकिंग नेटवर्क देश के प्रत्येक हिस्से में किसानों तक क्रेडिट पहुंचाने की कोशिश को दर्शाता है। विभिन्न बैंकों के माध्यम से किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की यह रणनीति, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में, योजना की सफलता में अहम भूमिका निभाती है।

आवेदन प्रक्रिया और संस्थागत भागीदारी

अंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 1,998.7 लाख KCC आवेदन प्रक्रिया में आए हैं। इसमें 631.5 लाख आवेदन वाणिज्यिक बैंकों, 337.2 लाख आवेदन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और 1,030 लाख आवेदन सहकारी बैंकों के माध्यम से आए हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि KCC के कार्यान्वयन में सहकारी बैंकों की केंद्रीय भूमिका है, जो किसानों को निचले स्तर पर क्रेडिट प्रदान करने में सक्रिय हैं।

पशुपालन और मत्स्य पालन में सफलता

केंद्र सरकार के आंकड़े यह भी बताते हैं कि पशुपालन क्षेत्र में KCC के आवेदन स्वीकार करने की दर अत्यंत उच्च रही। कुल 55.9 लाख आवेदन में से 55.08 लाख आवेदन स्वीकार किए गए। इससे स्पष्ट होता है कि इस क्षेत्र में पात्रता मानदंड प्रभावी हैं और नीति समर्थन लगातार मौजूद है। 39.22 लाख आवेदन स्वीकृत किए जाने से यह भी पता चलता है कि वास्तविक वित्तीय सहायता किसानों तक पहुँच रही है। मत्स्य पालन क्षेत्र में भी इसी तरह की सफलता देखी गई। कुल 6.83 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6.77 लाख स्वीकार किए गए और 4.82 लाख आवेदन पर ऋण स्वीकृत किया गया। यह दर्शाता है कि इस क्षेत्र में किसानों की वित्तीय मांग को भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।

KCC योजना का समग्र प्रभाव

कुल मिलाकर, किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने न केवल कृषि बल्कि पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे सहायक क्षेत्रों में भी किसानों को संस्थागत क्रेडिट तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समय पर और किफायती वित्तीय सहायता किसानों को उत्पादन बढ़ाने, व्यावसायिक योजनाओं को आगे बढ़ाने और कृषि तथा सहायक गतिविधियों को मजबूत बनाने में मदद कर रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों को सिर्फ वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है। सरकारी आंकड़े यह स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि KCC योजना का नेटवर्क और प्रक्रिया कितनी व्यापक और प्रभावी है। विभिन्न बैंकिंग संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी और उच्च स्वीकृति दर यह सुनिश्चित करती है कि किसान वित्तीय बाधाओं के बिना अपने उत्पादन और व्यवसाय को बढ़ावा दे सकें।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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