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Karvy Corporate Scam: 'अगर कार्वी जैसी घटना दोबारा हुई तो हमारी लाश पर होगी', आखिर इस पावरफुल लेडी को ऐसा क्यों बोलना पड़ा

कार्वी घोटाले को लेकर सेबी की प्रमुख माधबी पुरी बुच ने बुधवार को कहा कि वे ऐसी घटना दोबारा नहीं होने देंगे। अगर कार्वी जैसा कोई घोटाला होता भी है तो वो उनकी लाश पर होगा।

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Karvy Corporate Scam: सेबी प्रेसिडेंट माधबी पुरी बुच ने कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • कार्वी घोटाले पर बोलीं सेबी प्रेसिडेंट का बड़ा बयान
  • माधबी पुरी बुच बोलीं- लाश पर होगी ऐसी घटना
  • मार्केट के सबसे बड़े घोटालों में माना जाता है कार्वी

Share Market Karvy Corporate Scam: सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने बुधवार को कहा कि शेयर मार्केट रेगुलेटर किसी भी कीमत पर कार्वी जैसी दूसरी घटना नहीं होने देगा। बोर्ड की बैठक के बाद बुच ने सेबी हेडक्वार्टर में मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा, ‘‘हमारे पूंजी बाजार में कार्वी जैसी दूसरी घटना नहीं होगी. अगर कार्वी जैसी दूसरी घटना होती है तो वो हमारी लाश पर होगी.’’ उनसे सवाल किया गया था कि ‘ब्रोकरेज’ खास तौर से ‘डिस्काउंट ब्रोकर’ ज्यादा पैसे नहीं कमाते हैं। इस पर बुच ने कहा, आंकड़े बताते हैं कि वे बहुत पैसे कमाते हैं।

माधबी पुरी बुच के बयान के बाद फिर चर्चा में आया कार्वी घोटाला

कार्वी घोटाले पर आए सेबी अध्यक्ष के इस बयान के बाद लोगों के बीच कार्वी घोटाला अचानक चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर ये है क्या, जिसकी वजह से माधबी पुरी बुच को ऐसा बयान देना पड़ गया। आज हम आपको कार्वी घोटाले के बारे में कुछ बेहद जरूरी बातें बताएंगे, जिसके बाद आपके मन में उठने वाले कार्वी घोटाले से जुड़ी चीजें क्लियर हो जाएंगी। दरअसल, कार्वी घोटाले का पूरा मामला साल 2019 में सामने आया था।

आखिर क्या है कार्वी घोटाला

कार्वी ग्रुप पर आरोप है कि उसने बैंकों से 2800 करोड़ रुपये का लोन लेने के लिए अपने निवेशकों के सैकड़ों करोड़ रुपये के शेयर को गलत तरीके से गिरवी रखा। बैंक से लोन के रूप में मिले पैसों को कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड ने ग्राहकों के खाते में जमा कराने के बजाय अपने रियल इस्टेट बिजनेस के खाते में जमा कर दिया। कार्वी घोटाले को भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा घोटाला भी बताया जाता है। निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के इस मामले में ईडी ने कार्वी पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई की और पिछले साल 1984 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को जब्त कर लिया था।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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