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Registered Active Companies: भारत में रजिस्टर्ड एक्टिव कंपनियों की संख्या में जोरदार उछाल, पहुंची 18.17 लाख के पार

Registered Active Companies In India: कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय से जारी लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 31 जनवरी तक देश में कुल 28,05,354 कंपनियां रजिस्टर्ड थीं, जिनमें से 65 प्रतिशत यानी 18,17,222 कंपनियां एक्टिव हैं, जो दिसंबर 2024 की तुलना में एक्टिव कंपनियों की संख्या में 0.14 प्रतिशत की वृद्धि है।

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रजिस्टर्ड कंपनियों की संख्या बढ़ी

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KEY HIGHLIGHTS
  • रजिस्टर्ड कंपनियों की संख्या बढ़ी
  • भारत में बढ़ी ऐसी कंपनियों की संख्या
  • 18 लाख से अधिक हुई संख्या

Registered Active Companies In India: कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय से जारी लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 31 जनवरी तक देश में कुल 28,05,354 कंपनियां रजिस्टर्ड थीं, जिनमें से 65 प्रतिशत यानी 18,17,222 कंपनियां एक्टिव हैं, जो दिसंबर 2024 की तुलना में एक्टिव कंपनियों की संख्या में 0.14 प्रतिशत की वृद्धि है। 31 जनवरी तक देश में 5,216 विदेशी कंपनियां भी रजिस्टर्ड थीं और उनमें से 63 प्रतिशत या 3,281 इकाई एक्टिव थीं।

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प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों की हिस्सेदारी कितनी

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों की हिस्सेदारी कुल कंपनियों में 96 प्रतिशत है, जो पेड-अप कैपिटल का 38 प्रतिशत है। इसकी तुलना में, पब्लिक लिमिटेड कंपनियां केवल 4 प्रतिशत हैं, लेकिन ये कंपनियां पेड-अप कैपिटल का 62 प्रतिशत हिस्सा बनाती हैं।

इकोनॉमिक सेक्टर-वाइज क्लासिफिकेशन से पता चलता है कि बिजनेस सर्विस में सबसे अधिक एक्टिव कंपनियां हैं, जिनका हिस्सा 27 प्रतिशत है। उसके बाद मैन्युफैक्चरिंग (20 प्रतिशत), ट्रे़डिंग और कम्युनिटी, पर्सनल एंड सोशल सर्विस (13 प्रतिशत) है।

टॉप तीन राज्य कौन से

मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, "यह भी देखा गया है कि सर्विस सेक्टर में एक्टिव कंपनियों की कुल संख्या में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई, उसके बाद उद्योग और कृषि क्षेत्र का स्थान है। सेवा क्षेत्र में, समुदाय, व्यक्तिगत और सामाजिक सेवा क्षेत्र ने एक्टिव कंपनियों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि दिखाई।"

नई रजिस्टर्ड कंपनियों का स्टेट-वाइज विश्लेषण दर्शाता है कि जनवरी 2025 के दौरान सबसे अधिक नए रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने वाले टॉप तीन राज्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली थे।

महाराष्ट्र सबसे आगे

महाराष्ट्र में 18 प्रतिशत यानी 2,998 कॉर्पोरेट इकाइयां थीं, उत्तर प्रदेश में 11 प्रतिशत यानी 1,812 कंपनियां थीं और दिल्ली में 9 प्रतिशत यानी 1,503 कंपनियां थीं, जिनकी कलेक्टिव पेड अप कैपिटल 194.77 करोड़ रुपये थी।

स्टेट-वाइज डेटा से पता चलता है कि एक्टिव कंपनियों की कुल संख्या के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है, जबकि दिल्ली दूसरे स्थान पर है, उसके बाद उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का स्थान है।

जम्मू-कश्मीर में कितनी कंपनियां

केंद्र शासित प्रदेशों में, जम्मू-कश्मीर में दिसंबर 2024 की तुलना में 112 कंपनियों की वृद्धि दर्ज की गई।

मंत्रालय के अनुसार, "नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के दौरान कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ रजिस्टर्ड 16 नई विदेशी व्यावसायिक संस्थाओं में से 37.50 प्रतिशत दिल्ली, 18.75 प्रतिशत केरल, 12.50 प्रतिशत तमिलनाडु, 6.25 प्रतिशत आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में स्थापित की गईं।" (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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