घर खरीदने के लिए 'ज्वाइंट होम लोन' लेना कितना सही; पहले समझें नफा और नुकसान
- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Feb 13, 2026, 12:34 PM IST
Joint Home Loan: घर खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन कई बार इसकी लागत एक अकेले व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी साबित हो सकती है। ऐसे में ज्वाइंट होम लोन एक आसान विकल्प बन सकता है। इससे न केवल लोन की राशि साझा होती है, बल्कि ब्याज पर मिलने वाले लाभ और टैक्स छूट का फायदा भी बढ़ जाता है।
Joint Home Loan के नफा-नुकसान (Photo-iStock)
Joint Home Loan: एक नया घर खरीदने के लिए 'ज्वाइंट होम लोन' बहुत से ग्राहकों को लुभा सकता है। होम लोन के लिए बैंक के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरे नहीं कर पा रहे हों तो यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। लेकिन ज्वाइंट होम लोने के फायदे हैं तो इसके नुकसानों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। आइए समझते हैं 'ज्वाइंट होम लोन' कितना सही फैसला हो सकता है-
'ज्वाइंट होम लोन' क्या होता है
सबसे पहले तो यही समझें की 'ज्वाइंट होम लोन' (Joint Home Loan) क्या होता है। ज्वाइंट होम लोन में दो या उससे अधिक लोग मिलकर एक ही प्रॉपर्टी खरीदने के लिए लोन लेते हैं। आमतौर पर पति-पत्नी, माता-पिता और संतान या भाई-बहन संयुक्त रूप से यह लोन लेते हैं। इसमें सभी सह-आवेदक बैंक के प्रति समान रूप से जिम्मेदार होते हैं। लोन स्वीकृति के समय आय, क्रेडिट स्कोर और पुनर्भुगतान क्षमता का आकलन किया जाता है।
ज्वाइंट होम लोन के प्रमुख फायदे
ज्यादा लोन राशि की पात्रता
दो या अधिक लोगों की संयुक्त आय के आधार पर बैंक लोन की अधिक राशि मंजूर कर सकते हैं। इससे बड़े या बेहतर लोकेशन वाले घर को खरीदने की संभावना बढ़ जाती है। संयुक्त आय के कारण बैंक के लिए जोखिम कम माना जाता है, जिससे पात्रता सीमा बढ़ती है।
टैक्स में दोहरा लाभ
अगर सह-आवेदक प्रॉपर्टी के सह-मालिक भी हैं तो दोनों आयकर अधिनियम की धारा 80C और 24 के तहत अलग-अलग टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। इससे कुल मिलाकर परिवार की कर देनदारी कम हो सकती है और आर्थिक बचत बढ़ती है।
ब्याज दर में संभावित छूट
कई बैंक महिला सह-आवेदक होने पर ब्याज दर में थोड़ी रियायत देते हैं। इससे EMI की राशि कम हो सकती है।कम ब्याज दर का फायदा लंबे समय में बड़ी बचत में बदल सकता है।
EMI का साझा बोझ
ज्वाइंट लोन में EMI की जिम्मेदारी सभी सह-आवेदकों के बीच बंट जाती है। इससे किसी एक व्यक्ति पर ज्यादा वित्तीय दबाव नहीं पड़ता। यह व्यवस्था घर के बजट को संतुलित रखने में मदद करती है।
ज्वाइंट होम लोन के संभावित नुकसान
समान जिम्मेदारी और क्रेडिट जोखिम
अगर किसी कारण से एक व्यक्ति EMI नहीं चुका पाता, तो दूसरे सह-आवेदक को पूरी राशि चुकानी पड़ सकती है। डिफॉल्ट की स्थिति में सभी आवेदकों के क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
रिश्तों में तनाव की संभावना
आर्थिक असहमति, नौकरी छूटना या वैवाहिक विवाद जैसी परिस्थितियां लोन मैनेजमेंट को जटिल बना सकती हैं। ऐसी स्थिति में कानूनी और वित्तीय प्रक्रियाएं लंबी हो सकती हैं।
स्वामित्व से जुड़ी कानूनी जटिलताएं
प्रॉपर्टी के हिस्से को लेकर स्पष्ट समझौता न होने पर भविष्य में विवाद की संभावना रहती है। इसलिए लोन लेने से पहले सभी शर्तों और स्वामित्व के अनुपात को लिखित रूप में तय करना जरूरी है।
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