Jan Vishwas Act 2026 : केंद्र सरकार देश में कारोबार को आसान (Ease of Doing Business) और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने घोषणा की है कि ‘जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026’ के कई महत्वपूर्ण प्रावधान 19 जून 2026 से लागू हो जाएंगे। इस संबंध में शुक्रवार को विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी की गई।
कारोबार को आसान बनाने पर जोर
जन विश्वास अधिनियम का मुख्य उद्देश्य देश में व्यापार और उद्योग के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। सरकार का मानना है कि कई पुराने कानूनों में ऐसे प्रावधान मौजूद थे, जिनके कारण छोटे-छोटे मामलों में भी लोगों और कारोबारियों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नए संशोधनों के जरिए ऐसे प्रावधानों को सरल और व्यावहारिक बनाया जा रहा है, ताकि व्यवसाय करना आसान (Ease of Doing Business) हो सके और अनावश्यक कानूनी बाधाएं कम हों।
संसद ने अप्रैल में दी थी मंजूरी
इस कानून को संसद ने अप्रैल 2026 में पारित किया था। अधिनियम के तहत कुल 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इन संशोधनों का उद्देश्य मामूली और तकनीकी प्रकृति के अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना तथा दंडात्मक प्रावधानों को अधिक तर्कसंगत बनाना है। इससे कारोबारियों, उद्यमियों और आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
किन प्रावधानों को किया जाएगा लागू
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 और प्रशासक-जनरल अधिनियम, 1963 से जुड़े जन विश्वास अधिनियम के कुछ प्रावधान 19 जून से प्रभावी हो जाएंगे। केंद्र सरकार ने इन प्रावधानों के लागू होने की तारीख आधिकारिक रूप से तय कर दी है। इसके बाद संबंधित विभाग और संस्थाएं नए नियमों के अनुसार काम करेंगी।
छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की पहल
जन विश्वास अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कई छोटे और गैर-गंभीर अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि ऐसे मामलों में आपराधिक कार्रवाई की बजाय प्रशासनिक और आर्थिक दंड अधिक प्रभावी हो सकते हैं। इससे न्याय व्यवस्था पर बोझ कम होगा और नागरिकों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।
पहले चरण के बाद दूसरा भाग लागू
सरकार ने बताया कि यह जन विश्वास कानून का दूसरा भाग है। इसका पहला चरण वर्ष 2023 में लागू किया गया था, जिसके तहत कई कानूनों में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया था। अब दूसरे चरण के तहत और अधिक प्रावधान लागू किए जा रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन बदलावों से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, व्यापारिक गतिविधियां आसान होंगी और देश में कारोबारी माहौल और मजबूत होगा।
सुधारों की दिशा में अहम कदम
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जन विश्वास अधिनियम प्रशासनिक सुधारों और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नियमों में स्पष्टता आएगी, कानूनी जटिलताएं घटेंगी और उद्योग जगत को अधिक सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। 19 जून से लागू होने वाले नए प्रावधान इसी व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
