ITR Filing 2026: देशभर के लाखों इनकम टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने 30 मार्च, 2026 को असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म (ITR-1 से ITR-7) नोटिफाई कर दिया है। इसका मतलब है कि अब व्यक्ति, पेंशनभोगी, पेशेवर और अन्य टैक्सपेयर इन फॉर्मों (जो भी उन पर लागू हों) का इस्तेमाल करके 31 जुलाई, 2026 को या उससे पहले अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फ़ाइल कर सकते हैं।
इस बाद ITR 1 में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब ITR 1 को 'दो हाउस प्रॉपर्टी' से होने वाली इनकम के लिए भी फाइल किया जा सकता है। पहले ITR 1 में सिर्फ एक हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम की रिपोर्ट करने की अनुमति थी। इसलिए, अगर आपके पास दो हाउस प्रॉपर्टी थीं, तो आपको ITR 2 या ITR 3 फाइल करना पड़ता था, जो ज़्यादा विस्तृत फॉर्म हैं। इस बदलाव से, टैक्सपेयर्स के लिए ITR 1 फाइल करना और दो घरों से होने वाली अपनी इनकम की रिपोर्ट करना आसान हो जाएगा।
ITR-1 किसे फाइल करना चाहिए?
(a) बिज़नेस और प्रोफेशन से होने वाला मुनाफ़ा और लाभ;
(b) शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन;
(c) सेक्शन 112A के तहत 1.25 लाख रुपये से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन
(d) एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम;
(e) 'अन्य स्रोतों' (Other Sources) के तहत होने वाली इनकम, जो नीचे दिए गए प्रकार की हो:-
(i) लॉटरी से जीती गई रकम;
(ii) रेस के घोड़ों को रखने और उनकी देखभाल करने से जुड़ी गतिविधि;
(iii) सेक्शन 115BBDA या सेक्शन 115BBE के तहत खास दरों पर टैक्स लगने वाली इनकम;
(f) सेक्शन 5A के प्रावधानों के अनुसार बांटी जाने वाली इनकम
ITR-2 फाइल करने के लिए कौन योग्य है?
ITR-2 उन व्यक्तियों (Individuals) या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) द्वारा भरा जा सकता है, जो ITR-1 (सहज) भरने के योग्य नहीं हैं। बिजनेस या प्रोफेशन से आय नहीं रखते हैं। साथ ही, पार्टनरशिप फर्म से मिलने वाली निम्न प्रकार की आय भी नहीं होनी चाहिए। ITR-2 उन व्यक्तियों (Individuals) या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) द्वारा फाइल नहीं किया जा सकता, जिनकी कुल आय में बिजनेस या प्रोफेशन से आय या फिर पार्टनरशिप फर्म से मिलने वाली आय शामिल हो।
अपडेटेड फॉर्म भी जारी किया गया
आयकर (I-T) विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026–27 के लिए नए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म, साथ ही अपडेटेड ITR-U (अपडेटेड ITR) फॉर्म और ITR-V (ITR वेरिफिकेशन) फॉर्म जारी कर दिए हैं। ITR-V फ़ॉर्म 31 मार्च, 2026 से लागू होगा, और यह असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए फ़ाइल किए गए रिटर्न पर लागू होगा।
ITR U क्या है?
ITR-U का प्रावधान 2022 में पेश किया गया था, ताकि टैक्सपेयर्स को अपनी गलतियाँ सुधारने का एक व्यवस्थित तरीका मिल सके। यह आपको तब रिटर्न फ़ाइल करने की सुविधा देता है, जब आप मूल रिटर्न फ़ाइल करना भूल गए हों, या कोई ऐसी इनकम जोड़ना चाहते हों जिसकी जानकारी देना आप भूल गए थे, या फिर पहले से फाइल किए गए ITR में गलत जानकारियों को सुधारना चाहते हों।
ITR-U फॉर्म में क्या नया है?
अब ITR-U (अपडेटेड रिटर्न) फॉर्म के जरिए टैक्सपेयर्स अपनी आय अपडेट या नुकसान (Loss) कम कर सकते हैं और इसके लिए समय सीमा 48 महीने (4 साल) कर दी गई है।
