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20% तक लुढ़क चुके ITC और Godfrey Phillips को खरीदें या नहीं, एनालिस्ट ने बताई परफेक्ट स्ट्रैटेजी

Tobacco Stocks के लिए साल 2026 की शुरुआत बड़े झटके के साथ हुई। सरकार की तरफ साल की शुरुआत में तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने का ऐलान किया गयाा। बढ़े हुए टैक्स के बोझ से खपत में कमी और लागात में बढ़ोतरी की आशंका के चलते के निवेशकों ने ITC और Godfrey Phillips के शेयरों में जमकर बिकवाली की, जिससे 20% तक की गिरावट हुई। बहरहाल, ET NOW पर एनालिस्टों ने बताया है कि इन शेयरों को खरीदने या बेचने के लिए परफेक्ट स्ट्रैटेजी क्या होनी चाहिए?

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तंबाकू स्टॉक्स में क्या हो रणनीति। (इमेज क्रेडिट, ओपन एआई)

Tobacco Stocks Strategy: साल 2026 की शुरुआत में तंबाकू सेक्टर के दिग्गज शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली है। सरकार द्वारा तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने के ऐलान के बाद ITC और Godfrey Phillips India के शेयर महज दो कारोबारी सत्रों में 20% तक लुढ़क गए। इतिहास गवाह है कि तंबाकू सेक्टर टैक्स बढ़ोतरी के बाद पहले टूटता है, फिर धीरे-धीरे संभलता है। ऐसे में निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या अभी और दर्द बाकी है।

टैक्स बढ़ते ही टूटा तंबाकू सेक्टर

1 फरवरी, 2026 से तंबाकू उत्पादों पर हाई टैक्स लागू होने वाले हैं। इस फैसले के बाद बाजार में तुरंत यह आशंका गहराई कि ऊंचे टैक्स से सिगरेट कंपनियों की वॉल्यूम और मुनाफे पर दबाव पड़ेगा। नतीजा यह रहा कि नए साल के पहले ही हफ्ते में ITC और Godfrey Phillips पर भारी बिकवाली देखने को मिली।

ITC शेयर 3 साल के निचले स्तर पर

देश की सबसे बड़ी सिगरेट निर्माता कंपनी ITC की कुल आय का 45% से ज्यादा हिस्सा सिगरेट कारोबार से आता है। जनवरी 1 और 2 के सिर्फ दो सत्रों में ITC शेयर करीब 13% टूट गया और 3 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। NSE पर 2 जनवरी को यह शेयर 3.78% गिरकर ₹350.10 पर बंद हुआ। इसके बाद सोमवार 5 जनवरी को शुरुआती सत्र में करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ 353.65 रुपये रिकवरी कर रहा है।

Godfrey Phillips में और ज्यादा गिरावट

Godfrey Phillips India के शेयरों में गिरावट और ज्यादा तीखी रही। दो सत्रों में शेयर करीब 20% टूट गया। 2 जनवरी को NSE पर यह स्टॉक ₹2,250 पर बंद हुआ, जिसमें 1.77% की गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल, सोमवार को यह 1 फीसदी तेजी के साथ 2,278 रुपये पर रिकवरी मोड में दिखा।

क्या है एनालिस्ट की राय?

ET NOW Swadesh से बातचीत में Kunal Parar, Vice President, Choice Equity Broking ने फिलहाल दोनों शेयरों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।

उनका कहना है कि जब भी सरकार GST या किसी अन्य टैक्स के जरिए तंबाकू उत्पादों पर बोझ बढ़ाती है, तब इन शेयरों में पहले तेज गिरावट आती है। हालांकि, इतिहास बताता है कि कुछ समय बाद यही शेयर स्थिर होकर अच्छी रिकवरी भी दिखाते हैं।

ITC पर क्या होनी चाहिए रणनीति

कुणाल पारर के मुताबिक ITC पर कई ब्रोकरेज डाउन्ग्रेड भी सेंटीमेंट को कमजोर कर रहे हैं। उनका साफ कहना है कि अभी निवेश से बचें लेकिन इस शेयर को वॉचलिस्ट में जरूर रखें। एनालिस्ट का मानना है कि ITC शेयर ₹350 के मौजूदा स्तर से और फिसल सकता है। ₹340 से ₹320 का जोन ITC के लिए संभावित स्टेबलाइजेशन रेंज है। अगर शेयर इस रेंज में आता है, तभी लॉन्ग टर्म निवेश के लिए नई पोजिशन जोड़ने की सलाह दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ITC एक डाइवर्सिफाइड और फंडामेंटली मजबूत कंपनी है। सिर्फ सिगरेट बिजनेस पर दबाव से पूरे बैलेंस शीट पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

Godfrey Phillips में अभी और गिरावट संभव

Godfrey Phillips को लेकर एनालिस्ट का रुख थोड़ा ज्यादा सतर्क है। उनका कहना है कि शेयर की टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर दिख रही है और अभी इसमें और गिरावट आ सकती है। एनालिस्ट के मुताबिक यह शेयर ₹2,080 से ₹2,010 के दायरे में जाकर स्थिर हो सकता है। वर्स्ट केस में ₹2,000–₹2,010 का लेवल Godfrey Phillips के लिए परफेक्ट बायिंग जोन माना जा रहा है। अगर ₹2,000 के आसपास से शेयर में मजबूत बाउंस आता है, तो मिड टर्म में यह ₹3,000 तक की रिकवरी दिखा सकता है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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