बिजनेस

हिजबुल्लाह को कौन करता है फंडिंग, जानें कहां से मिलती है इजराइल से टकराने की हैसियत

Who Finances Hezbollah: हिजबुल्लाह को कई लीगल बिजनेस और इंटरनेशनल क्रिमिनल एंटरप्राइजेज से भी फंड मिलता है। वहीं वे लेबनानी जो दूसरे देशों में रहते हैं, हिजबुल्लाह को हर साल करोड़ों डॉलर भेजते हैं।

Image

हिजबुल्लाह को फंडिंग कौन करता है

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • इजराइल-हमास की लड़ाई में हिजबुल्लाह शामिल
  • इजराइल का है पुराना दुश्मन
  • ईरान से मिलता है हिजबुल्लाह को पैसा

Who Finances Hezbollah: इजराइल और हमास की लड़ाई (Israel-Hamas War) के बीच एक संगठन का नाम काफी चर्चा में है। ये है हिजबुल्लाह (Hezbollah)। हिजबुल्लाह पर आरोप है कि इजराइल पर ताजा हमले में उसने हमास की मदद की है। ऐसा इसलिए क्योंकि लेबनान आधारित हिजबुल्लाह भी हमास की ही तरह इजराइल का दुश्मन है। हिजबुल्लाह की भी कई बार इजराइल से लड़ाई हुई है। मगर सवाल यह है कि आखिर हिजबुल्लाह को फंड कौन देता है, जिसके दम पर ये हमास की मदद करता है और इजराइल को नुकसान पहुंचाता है।

ईरान का सपोर्ट

हमास की ही तरह हिजबुल्लाह को भी ईरान का सपोर्ट हासिल है। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान हिजबुल्लाह को फंडिंग करता है। रिपोर्ट की मानें तो हर साल हिजबुल्लाह को 5820 करोड़ रु मिलते हैं।

और कहां-कहां से मिलता है पैसा

हिजबुल्लाह को कई लीगल बिजनेस और इंटरनेशनल क्रिमिनल एंटरप्राइजेज से भी फंड मिलता है। वहीं वे लेबनानी जो दूसरे देशों में रहते हैं, हिजबुल्लाह को हर साल करोड़ों डॉलर भेजते हैं।

कौन देता है हथियार

बात करें हथियारों की हिजबुल्लाह को ईरान से ही हथियार मिलते हैं। हिजबुल्लाह की पॉलिटिकल पार्टी भी है, जिसके लेबनान की संसद में 15 सदस्य हैं। ये 15 सदस्य लेबनान की संसद के कुल सदस्यों की संख्या का 12 फीसदी हैं।

बेरोजगारी, गरीबी और कर्ज

जनवरी 2020 में लेबनान के तत्कालीन प्रधानमंत्री Hassan Diab के अंडर में हिजबुल्लाह समर्थित सरकार बनी, मगर वो सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी। नई सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी, गरीबी और कर्ज बढ़ गया।

वहीं COVID-19 महामारी के बीच लॉकडाउन ने हालात और खराब कर दिए, जिससे लेबनानी जनता ने सरकार और हिजबुल्लाह का विरोध किया।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article