IRFC OFS : अगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं और अपने पोर्टफोलियो में रेलवे का कोई मजबूत शेयर जोड़ना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार आपके लिए एक शानदार मौका लेकर आई है। सरकार अपनी 'नवरत्न' पीएसयू कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) में अपनी 2% तक की हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इस ऑफर फॉर सेल (OFS) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छोटे और खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को यह शेयर मौजूदा बाजार भाव से लगभग 8% (7.79%) के सीधे डिस्काउंट पर खरीदने का मौका मिल रहा है। सरकार इस हिस्सेदारी बिक्री से ₹2,300 करोड़ से अधिक की पूंजी जुटाएगी।
IRFC OFS का पूरा गणित
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे ऑफर के ढांचे को नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है।
| OFS Parameters | Details |
| तय फ्लोर प्राइस (Floor Price) | ₹91.00 प्रति शेयर |
| बाजार का बंद भाव (CMP) | ₹98.37 प्रति शेयर (मंगलवार का क्लोजिंग प्राइस) |
| खुदरा निवेशकों को छूट | बाजार भाव से 7.79% (लगभग 8%) का सीधा डिस्काउंट |
| कुल बिक्री के लिए शेयर्स | 26.13 करोड़ इक्विटी शेयर्स (कुल हिस्सेदारी का 2%) |
| संस्थागत निवेशकों के लिए बिडिंग | बुधवार, 24 जून 2026 (आज खुला है) |
| खुदरा (Retail) निवेशकों के लिए बिडिंग | गुरुवार, 25 जून 2026 (कल खुलेगा) |
खुदरा निवेशक कब और कैसे लगा सकते हैं दांव?
सरकार ने इस दो-दिवसीय OFS को इस तरह डिजाइन किया है कि बड़े और छोटे दोनों निवेशकों को पूरा मौका मिले। बुधवार, 24 जून से यह ऑफर संस्थागत निवेशकों (जैसे म्यूचुअल फंड्स, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक आदि) के लिए खुला है। वहीं, गुरुवार, 25 जून को आम खुदरा निवेशक (Retail Investors) इस ऑफर में अपनी बोली लगा सकेंगे।
बेस ऑफर और ग्रीन शू ऑप्शन
सरकार पहले चरण में 1% हिस्सेदारी (बेस ऑफर) बेचेगी। अगर बुधवार को संस्थागत निवेशकों से बंपर डिमांड आती है, तो सरकार अतिरिक्त 1% का 'ग्रीन शू ऑप्शन' एक्टिवेट कर देगी, जिससे कुल हिस्सेदारी बिक्री 2% हो जाएगी।
रेलवे का फाइनेंशियल पावरहाउस
1986 में स्थापित IRFC रेल मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक बेहद अहम 'नवरत्न' PSU है। यह भारतीय रेलवे के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से धन जुटाने वाली एकमात्र समर्पित वित्तीय संस्था (Financing Arm) है। रेलवे के आधुनिकीकरण, नए ट्रैक बिछाने और इंजनों व वैगनों (Rolling Stock) की खरीद के लिए यही कंपनी लोन और फंड्स की व्यवस्था करती है। यह आरबीआई (RBI) के पास एक सिस्टेमैटिकली महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी के रूप में भी रजिस्टर्ड है।
OFS से सरकार को क्या मिलेगा?
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष (FY27) के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) के विनिवेश के जरिए ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। हाल ही में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC Re) में 5% हिस्सेदारी बेचने के बाद सरकार पहले ही ₹16,480 करोड़ जुटा चुकी है। अब IRFC के इस ओएफएस से सरकार को ₹2,300 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त नॉन-टैक्स रेवेन्यू हासिल होगी, जिससे सरकार अपने सालाना लक्ष्य के और करीब पहुंच जाएगी।
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