बिजनेस

IRFC OFS : मार्केट रेट से 8% डिस्काउंट पर मिल रहा रेलवे शेयर, सरकार बेच रही हिस्सेदारी

दिग्गज रेलवे कंपनी IRFC के शेयर मार्केट रेट से 8% डिस्काउंट पर मिल रहे हैं। सरकार इस महारत्न कंपनी में अपनी करीब 2 फीसदी हिस्सेदारी बचे रही है। इसके लिए OFS लाया गया है। इसमें रिटेल इन्वेस्टर भी शामिल होंगे।

Image

मार्केट रेट से कम रेट पर मिलेंगे शेयर

IRFC OFS : अगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं और अपने पोर्टफोलियो में रेलवे का कोई मजबूत शेयर जोड़ना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार आपके लिए एक शानदार मौका लेकर आई है। सरकार अपनी 'नवरत्न' पीएसयू कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) में अपनी 2% तक की हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इस ऑफर फॉर सेल (OFS) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छोटे और खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को यह शेयर मौजूदा बाजार भाव से लगभग 8% (7.79%) के सीधे डिस्काउंट पर खरीदने का मौका मिल रहा है। सरकार इस हिस्सेदारी बिक्री से ₹2,300 करोड़ से अधिक की पूंजी जुटाएगी।

IRFC OFS का पूरा गणित

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे ऑफर के ढांचे को नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है।

OFS ParametersDetails
तय फ्लोर प्राइस (Floor Price)₹91.00 प्रति शेयर
बाजार का बंद भाव (CMP)₹98.37 प्रति शेयर (मंगलवार का क्लोजिंग प्राइस)
खुदरा निवेशकों को छूटबाजार भाव से 7.79% (लगभग 8%) का सीधा डिस्काउंट
कुल बिक्री के लिए शेयर्स26.13 करोड़ इक्विटी शेयर्स (कुल हिस्सेदारी का 2%)
संस्थागत निवेशकों के लिए बिडिंगबुधवार, 24 जून 2026 (आज खुला है)
खुदरा (Retail) निवेशकों के लिए बिडिंगगुरुवार, 25 जून 2026 (कल खुलेगा)

खुदरा निवेशक कब और कैसे लगा सकते हैं दांव?

सरकार ने इस दो-दिवसीय OFS को इस तरह डिजाइन किया है कि बड़े और छोटे दोनों निवेशकों को पूरा मौका मिले। बुधवार, 24 जून से यह ऑफर संस्थागत निवेशकों (जैसे म्यूचुअल फंड्स, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक आदि) के लिए खुला है। वहीं, गुरुवार, 25 जून को आम खुदरा निवेशक (Retail Investors) इस ऑफर में अपनी बोली लगा सकेंगे।

बेस ऑफर और ग्रीन शू ऑप्शन

सरकार पहले चरण में 1% हिस्सेदारी (बेस ऑफर) बेचेगी। अगर बुधवार को संस्थागत निवेशकों से बंपर डिमांड आती है, तो सरकार अतिरिक्त 1% का 'ग्रीन शू ऑप्शन' एक्टिवेट कर देगी, जिससे कुल हिस्सेदारी बिक्री 2% हो जाएगी।

रेलवे का फाइनेंशियल पावरहाउस

1986 में स्थापित IRFC रेल मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक बेहद अहम 'नवरत्न' PSU है। यह भारतीय रेलवे के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से धन जुटाने वाली एकमात्र समर्पित वित्तीय संस्था (Financing Arm) है। रेलवे के आधुनिकीकरण, नए ट्रैक बिछाने और इंजनों व वैगनों (Rolling Stock) की खरीद के लिए यही कंपनी लोन और फंड्स की व्यवस्था करती है। यह आरबीआई (RBI) के पास एक सिस्टेमैटिकली महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी के रूप में भी रजिस्टर्ड है।

OFS से सरकार को क्या मिलेगा?

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष (FY27) के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) के विनिवेश के जरिए ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। हाल ही में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC Re) में 5% हिस्सेदारी बेचने के बाद सरकार पहले ही ₹16,480 करोड़ जुटा चुकी है। अब IRFC के इस ओएफएस से सरकार को ₹2,300 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त नॉन-टैक्स रेवेन्यू हासिल होगी, जिससे सरकार अपने सालाना लक्ष्य के और करीब पहुंच जाएगी।

    डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

    और पढ़ें
    End of Article