IREDA FPO: इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) सरकार की सहमति से इस साल फॉलो-ऑन ऑफर (एफपीओ) के जरिए इक्विटी पूंजी जुटा सकती है। इरेडा के सीएमडी प्रदीप कुमार दास के मुताबिक एफपीओ इस साल नवंबर और अगले साल फरवरी के बीच आ सकता है क्योंकि कंपनी को फिर से इक्विटी निवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की कंपनी में 75% हिस्सेदारी है। एफपीओ के जरिए इक्विटी फंड जुटाने पर सरकार की हिस्सेदारी कंपनी में कम होगी। ये एक सरकारी प्रोसेस है, इसलिए सरकारी एजेंसियां ये तय करेंगी इरेडा का आईपीओ कब आ सकता है।
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क्या होता है एफपीओ
एफपीओ का मतलब है फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर। ये एक ऐसी प्रोसेस है जिसके जरिए स्टॉक एक्सचेंज पर पहले से लिस्टेड कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों या नए निवेशकों को शेयर जारी करती है। कंपनियां फंड जुटाने और इक्विटी बेस का विस्तार करने के लिए एफपीओ लेकर आती हैं।
शेयर में हल्की गिरावट
सोमवार के 195.95 रु के पिछले बंद स्तर के मुकाबले मंगलवार को इरेडा का शेयर बीएसई पर 197.60 रु पर खुला। करीब सवा 10 बजे ये शेयर 0.85 रु या 0.43 फीसदी की गिरावट के साथ 195.10 रु पर है। इस समय कंपनी की मार्केट कैप 52,465 करोड़ रु है।
पहली तिमाही में कितना दिया कर्ज
इरेडा पब्लिक सेक्टर की एक एनबीएफसी कंपनी है। इसने सोमवार को कहा कि कंपनी ने अप्रैल-जून 2024 में 9,136 करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी दी, जो सालाना आधार पर कई गुना वृद्धि है। इसके लोन डिस्ट्रिब्यूशन भी 67.61 प्रतिशत बढ़कर 5,320 करोड़ रुपये के हो गए जो एक साल पहले इसी अवधि में 3,174 करोड़ रुपये थे।
कितने हैं बकाया लोन
इरेडा ने एक बयान में कहा कि 30 जून, 2024 तक कुल बकाया लोन 63,150 करोड़ रुपये था, जो अप्रैल-जून 2023 के 47,207 करोड़ रुपये से 33.77 प्रतिशत अधिक है। दास के अनुसार पहली तिमाही के नतीजों से भारत में नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों लगाने में तेजी लाने की हमारी प्रतिबद्धता का पता चलता है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न और आगामी एफपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
