How To Invest in IPO: मार्च महीने के शुरूआत दिवगी टॉर्कट्रांसफर सिस्टम्स कंपनी के IPO से हो गई है। और अगले 4-6 हफ्ते में कुल 9 कंपनियां IPO लाने की कतार में हैं। इसके जरिए वह बाजार से करीब 17000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पिछले 2 महीने से IPO बाजार में कोई हरकत नहीं होने के बाद मार्च और अप्रैल का महीना काफी हलचलों भरा रहेगा। ऐसे में आईपीओ में अगर आप भी निवेश करना चाहते हैं, तो कुछ बातों का जानना बेहद जरूरी है।
क्या होता है IPO
सबसे पहले जानते हैं कि IPO आखिर होता क्या है? तो इसे आसान भाषा में समझे तो जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर को पब्लिक के लिए ऑफर करती हैं, यानी वह छोटे और संस्थागत निवेशकों को अपनी कंपनी से साझेदारी बनाती है, तो वह IPO लाती है। इसके बाद ही कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होती है। और इसके बाद कंपनी के शेयरों की खरीदारी और बिक्री शेयर बाजार में शुरू हो जाती हैं। एक बार कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग की इजाजत मिलने के बाद उन्हें खरीदा और बेचा जा सकता है। इसके बाद शेयर को खरीदने और बेचने से होने वाले फायदे और नुकसान में भागीदारी निवेशकों की होती है।
इन कंपनियों के आ रहे हैं IPO
रिपोर्ट के अनुसार अगले 2-3 महीने में मैनकाइंड फार्मा , नेक्सस माल्स रीट ,टीवीएस लॉजिस्टिक,एवलॉन टेक्नोलॉजी,सिग्नेचर ग्लोबल,कैपिलरी टेक्नोलॉजी,उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक,कोजेंट सिस्टम्स कंपनियों के आईपीओ आने वाले हैं। वहीं दिवगी टॉर्कट्रांसफर सिस्टम्स का आईपीओ एक मार्च से ओपेन हो चुका है।
पिछले साल कंपनियों के आईपीओ ने कैसा रिटर्न दिया, तो देखा जाय साल 2022 में कुल 40 कंपनियों के आईपीओ लॉन्च हुए थे। जिनके जरिए कंपनियों ने करीब 59300 करोड़ रुपये जुटाए। हालांकि पिछले कुछ महीने से मार्केट के उतार-चढ़ाव को देखते हुए कई कंपनियों ने आईपीओ टाल दिए थे। साल 2022 में लिस्ट होने वाले कुल 40 आईपीओ में से 22 का रिटर्न पॉजिटिव रहा, जबकि 18 का रिटर्न अभी निगेटिव है।
रिस्क और निवेश का तरीका
किसी भी IPO में इन्वेस्ट करने के लिए डीमैट अकाउंट होना जरूरी होता है। इसके बाद कंपनी का IPO ओपेन होने के बाद निवेश के लिए आवेदन करना होता है। इसके लिए 3-5 दिन का समय मिलता है। और कंपनी द्वारा तय किए लॉट के अनुसार निवेश के लिए आवेदन करना होता है। चूंकि आम तौर पर मौजूदा कुल शेयर की तुलना में ज्यादा लोग कंपनी के शेयर के लिए आवेदन करते हैं। इसलिए सभी को आईपीओ के तहत शेयर अलॉट हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं होता है। अगर शेयर अलॉट होता है तो डीमैट अकाउंट से लिंक बैंक अकाउंट से पैसा कट जाता है। और कंपनी की तरफ से उसकी जानकारी भी मिल जाती है।
जहां तक रिस्क की बात है तो यह शेयर बाजार में होने-वाले उतार-चढ़ाव के साथ-साथ कंपनी के परफॉर्मेंस से जुड़ा होता है। यानी आप जो पैसा लगा रहे हैं, वह बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है। इसलिए निवेश के लिए किसी विशेषज्ञ से जरूरी सलाह लें। और रिस्क के लिए हमेशा तैयार रहें।
