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IPO बाजार: निवेशकों की पसंद में बड़ा बदलाव, अब दिग्गज आईपीओ भी जबरदस्त तरीके से हो रहे हैं सब्सक्राइब

इन दिनों आईपीओ मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले बड़े आकार के आईपीओ निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाते थे, वहीं इस साल तस्वीर बिल्कुल बदल गई है। बड़े-बड़े आईपीओ को भी शानदार सब्सक्रिप्शन मिल रहा है और निवेशकों की दिलचस्पी तेज़ी से बढ़ी है। आखिर ऐसा क्या बदल गया है कि बड़े इश्यू भी 'ब्लॉकबस्टर' साबित हो रहे हैं? आइए जानते हैं।

Upcoming IPO

इन दिनों आईपीओ मार्केट का माहौल बहुत उतार-चढ़ाव भरा है। हाल ही में आए फिजिक्सवाला के आईपीओ को बड़ी मुश्किल से पूरा सब्सक्रिप्शन मिला। लेकिन कुछ आईपीओ ने इस ट्रेंड को बदल दिया है। पहले जहां बड़े आकार के आईपीओ में निवेशकों की खास दिलचस्पी नहीं होती थी, वहीं इस साल स्थिति बदल गई है। 2025 में ₹5,000 करोड़ से बड़े आईपीओ को औसतन 17.7 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जो 2021 के बाद सबसे ज्यादा है। यह पिछले कुछ सालों के 8–10 गुना के औसत से काफी बेहतर प्रदर्शन है।

इस साल 4 आईपीओ की रही धूम

इस साल लॉन्च हुए कुल छह बड़े आईपीओ में से चार आईपीओ ने शानदार प्रदर्शन किया, जिन्हें डबल डिजिट यानी बहुत ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला। इनमें LG Electronics India (38.17 गुना), Lenskart Solutions (28.35 गुना) और HDB Financial व Groww के आईपीओ (दोनों 17.6 गुना) शामिल हैं। वहीं Hexaware Technologies और Tata Capital को अपेक्षाकृत कम प्रतिक्रिया मिली, जिनमें क्रमशः 2.27 गुना और 1.96 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बढ़त की सबसे बड़ी वजह संस्थागत निवेशकों के पास मौजूद बड़ी राशि है, जिससे वे लगातार बड़े आईपीओ में निवेश कर रहे हैं।

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुल सब्सक्रिप्शन का लगभग 75-80% हिस्सा संस्थागत निवेशकों से आता है। इसके बाद कॉर्पोरेट ट्रेजरी और बैंक ट्रेजरी भी आईपीओ में पैसा लगाते हैं, लेकिन वे आम तौर पर लिस्टिंग के पहले ही दिन निवेश निकाल लेते हैं। 2021 में आईपीओ बूम का एक बड़ा कारण Nykaa का आईपीओ था, जिसे 81 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। इस बार की मांग पिछली बार से ज्यादा व्यापक साबित हो रही है।

किसको कितना मिला सब्स्क्रिप्शन

आमतौर पर बड़े आईपीओ में सब्सक्रिप्शन कम मिलता है क्योंकि उनमें शेयरों की संख्या ज्यादा होती है और लिस्टिंग के समय तेज उछाल (listing gains) मिलने की संभावना कम रहती है। लेकिन इस बार स्थिति अलग है। Tata Capital और HDB जैसे कुछ आईपीओ पहले से ही अनलिस्टेड मार्केट में ट्रेड हो रहे थे, जिससे निवेशकों को पहले से एक अनुमानित कीमत (reference price) मिल गई। जब यह कीमत आईपीओ प्राइस से अलग होती है, तो निवेशकों के लिए शॉर्ट-टर्म में मुनाफा कमाने के मौके बन जाते हैं और वे तेजी से बोली लगाने लगते हैं। 2025 में आए इन छह बड़े आईपीओ ने कुल ₹62,000 करोड़ जुटाए हैं। ETIG के अनुसार, इस साल अब तक 84 आईपीओ कुल ₹1.29 लाख करोड़ की राशि ला चुके हैं।

अगर पिछले सालों पर नजर डालें तो 2021 में Nykaa को छोड़कर Paytm और Sona BLW जैसे बड़े आईपीओ 2 गुना सब्सक्रिप्शन भी मुश्किल से हासिल कर पाए थे। 2022 में LIC के ₹20,557 करोड़ के इश्यू को भी सिर्फ 2.65 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था, जबकि Delhivery मुश्किल से 1.33 गुना तक पहुंच पाया। 2023 में ₹5,000 करोड़ से बड़ा कोई आईपीओ नहीं आया। 2024 में बाजार में तेजी की वजह से Bajaj Housing Finance (49.97 गुना) और Vishal Mega Mart (20.47 गुना) को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।

इक्विरस कैपिटल के एमडी भावेश शाह का कहना है कि निवेशकों की पसंद अब बदल रही है। निवेशक अब उन्हीं कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं जो नई सोच और नए बिजनेस मॉडल लेकर आ रही हैं। वे ऐसी कंपनियों में निवेश करने से बचते हैं जो सिर्फ दूसरों की नकल कर रही हों, जब तक कि वह कंपनी अपने सेक्टर में लीडर न हो।

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रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी Author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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