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कहीं आपने भी तो नहीं लगा दिया गलत म्यूचुअल फंड में पैसा? निवेश से पहले समझ लें इनका मतलब

म्यूचुअल फंड में निवेश करना आज के समय में कमाई का एक बेहतरीन जरिया है, लेकिन "सबका पैसा" एक ही जगह काम नहीं आता। अक्सर नए निवेशक बिना अपनी जरूरत और जोखिम को समझे दूसरों की देखा-देखी किसी भी फंड में पैसा लगा देते हैं, जो बाद में नुकसान का कारण बन सकता है। आइए आपको बताते हैं म्यूचुअल फंड में अलग अलग फंड्स का क्या मतलब है?

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Mutual Fund

म्यूचुअल फंड में निवेश करना आज के समय में संपत्ति बनाने (Wealth Creation) का एक बेहतरीन जरिया बन गया है। "म्यूचुअल फंड्स सही है" जैसे विज्ञापनों ने लोगों में जागरूकता तो बढ़ाई है, लेकिन कई बार नए निवेशक बिना पूरी जानकारी के किसी भी फंड में पैसा लगा देते हैं। बाद में जब बाजार में उतार-चढ़ाव आता है या रिटर्न उम्मीद के मुताबिक नहीं मिलता, तब उन्हें अपनी गलती का एहसास होता है। दरअसल, हर म्यूचुअल फंड हर किसी के लिए नहीं होता। निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपका पैसा कहां जा रहा है और वह फंड आपके लक्ष्यों (Goals) के साथ मेल खाता है या नहीं।

इक्विटी फंड्स क्या हैं?

अगर आप लंबी अवधि (5 से 10 साल या उससे ज्यादा) के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Funds) सबसे लोकप्रिय विकल्प हैं। ये फंड आपका पैसा सीधे शेयर बाजार की कंपनियों के शेयरों में लगाते हैं। इसमें जोखिम अधिक होता है क्योंकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आता रहता है, लेकिन लंबे समय में यह महंगाई को मात देने वाला शानदार रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। इक्विटी फंड्स में भी कई कैटेगरी होती हैं, जैसे 'लार्ज कैप' (बड़ी और सुरक्षित कंपनियां), 'मिड कैप' (मध्यम आकार की कंपनियां) और 'स्मॉल कैप' (छोटी लेकिन तेजी से बढ़ने वाली कंपनियां)। नए निवेशकों को अक्सर लार्ज कैप फंड से शुरुआत करने की सलाह दी जाती है।

डेट फंड्स क्या हैं?

अगर आप शेयर बाजार का जोखिम नहीं उठाना चाहते और अपने पैसे को बैंक एफडी (FD) से थोड़ा बेहतर रिटर्न के साथ सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो डेट फंड (Debt Funds) आपके लिए हैं। ये फंड आपका पैसा सरकारी बॉन्ड्स, कॉर्पोरेट डिबेंचर्स और अन्य निश्चित आय वाले साधनों में निवेश करते हैं। इसमें जोखिम बहुत कम होता है और रिटर्न में स्थिरता रहती है। यह उन लोगों के लिए बेहतर है जो छोटी अवधि (1 से 3 साल) के लिए निवेश करना चाहते हैं या जो रिटायरमेंट के करीब हैं और अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना चाहते हैं।

हाइब्रिड फंड्स क्या हैं?

कई निवेशक ऐसे होते हैं जो न तो बहुत ज्यादा रिस्क लेना चाहते हैं और न ही बहुत कम रिटर्न से संतुष्ट होते हैं। उनके लिए हाइब्रिड फंड (Hybrid Funds) सबसे अच्छा विकल्प हैं। ये फंड आपके पैसे को इक्विटी (शेयर) और डेट (बॉन्ड्स) दोनों में मिलाकर निवेश करते हैं। जब शेयर बाजार गिरता है, तो डेट वाला हिस्सा आपके पोर्टफोलियो को संभाल लेता है, और जब बाजार बढ़ता है, तो इक्विटी वाला हिस्सा आपको अच्छा मुनाफा दिलाता है। इसे 'बैलेंस्ड फंड' भी कहा जाता है, जो जोखिम और रिटर्न के बीच एक सही संतुलन बनाने की कोशिश करता है।

सॉल्यूशन ओरिएंटेड और इंडेक्स फंड्स

म्यूचुअल फंड्स में कुछ खास लक्ष्यों के लिए भी फंड्स होते हैं, जिन्हें सॉल्यूशन ओरिएंटेड फंड्स कहा जाता है, जैसे कि रिटायरमेंट फंड या चिल्ड्रेन गिफ्ट फंड। इनमें आमतौर पर 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। वहीं, आजकल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स या इंडेक्स फंड्स (Index Funds) काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। ये फंड किसी खास इंडेक्स (जैसे निफ्टी या सेंसेक्स) की नकल करते हैं। इनकी लागत (Expense Ratio) कम होती है और ये लंबी अवधि में इंडेक्स के बराबर रिटर्न देने का प्रयास करते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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