Post Office Monthly Income Scheme: भारतीय शेयर बाजार ने पिछले दो साल से अधिक समय से निवेशकों को निराश किया है। बाजार में मंदी के चलते SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों को निगेटिव या मामूली रिटर्न मिला है। इसके चतले एक बार फिर निवेशक बैंक एफडी या पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम की ओर रुख कर रहे हैं। अगर आप शेयर बाजार के उतार—चढ़ाव झेलना नहीं चाहते हैं और निवेश पर गारंटीड रिटर्न चाहते हैं तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक बेस्ट विकल्प हो सकता है। इसमें निवेश कर आप रेगुलर इनकम प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस स्कीम के बारे में।
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) क्या है?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत योजना है। इसे उन निवेशकों के लिए बनाया गया है जो बिना किसी मार्केट-लिंक्ड जोखिम के हर महीने निश्चित आय चाहते हैं। मौजूदा समय में इस स्कीम पर 7.4% की दर से ब्याज मिल रहा है। यह योजना रिटायर हो चुके लोगों और सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले सतर्क निवेशकों के बीच लोकप्रिय है।
पोस्ट ऑफिस MIS के तहत निवेश की सीमा
मौजूदा नियमों के तहत, कोई व्यक्ति एक MIS अकाउंट में 9 लाख रुपये तक और जॉइंट अकाउंट में 15 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है। इस स्कीम में मिले ब्याज का भुगतान हर महीने किया जाता है। सरकार हर तिमाही में ब्याज दर की समीक्षा करती है।
इस तरह मंथली ₹9,250 की होगी कमाई
पोस्ट ऑफिस MIS में ₹15 लाख के निवेश से होने वाली मासिक आय
- अगर मौजूदा 7.4% की ब्याज दर पर पोस्ट ऑफ़िस मंथली इनकम स्कीम (MIS) के जॉइंट अकाउंट में ₹15 लाख का निवेश किया जाता है:
- सालाना ब्याज से होने वाली आय ₹1,11,000 होगी।
- हर महीने मिलने वाली रकम ₹₹9,250 होगी।
- इस तरह, निवेशक 5 साल की इस स्कीम के तहत हर महीने लगभग ₹9,250 पा सकते हैं।
5 साल में मिलने वाला कुल ब्याज
चूंकि इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है, इसलिए पूरी अवधि के दौरान मिलने वाला कुल ब्याज काफी अच्छा हो सकता है। हर महीने मिलने वाली इनकम ₹9,250 होगी और कुल महीनों की संख्या 60 है। इसलिए, मौजूदा पेमेंट लेवल के हिसाब से, 5 साल में कुल ब्याज से होने वाली इनकम लगभग ₹5.55 लाख होगी।
अकाउंट बंद करने का क्या है नियम?
पोस्ट ऑफिस MIS खाता खुलने के एक साल पूरे होने से पहले इसे समय से पहले बंद करने की अनुमति नहीं है। अगर खाता एक से तीन साल के बीच बंद किया जाता है, तो जमा राशि का 2% हिस्सा पेनल्टी के तौर पर काटा जाता है। अगर 3 साल पूरे होने के बाद खाता बंद किया जाता है, तो जमा राशि का 1% हिस्सा काटा जाता है।
क्या MIS के ब्याज पर टैक्स लगता है?
पोस्ट ऑफिस MIS में किए गए निवेश पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत टैक्स कटौती के लिए योग्य नहीं हैं। हर महीने मिलने वाले ब्याज पर निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से पूरा टैक्स लगता है। हालांकि, पोस्ट ऑफिस MIS के ब्याज भुगतान पर TDS नहीं काटता है।
