आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के अवसर पर, हम आपको बता रहे हैं कि कैसे महिलाओं का रुझान वित्तीय सुरक्षा और निवेश की ओर देखने को मिल रहा है। पॉलिसीबाजार के बुकिंग डेटा आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं की 1/3rd निवेश राशि रिटायरमेंट और बच्चों के भविष्य के लिए जा रही है, जिससे उनके लंबे समय के प्लान में बढ़ती जागरूकता का संकेत मिलता है। वहीं 39% टर्म इंश्योरेंस खरीददार गृहिणियां हैं, जो अपने परिवार की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बीमा योजनाओं को प्राथमिकता दे रही हैं। इसके अलावा, 44% महिलाएं ₹1 करोड़+ टर्म इंश्योरेंस कवर को चुन रही हैं, जो दिखाता है कि वे अब हाई फाइनेंशियल सिक्योरिटी की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
महिला और टर्म लाइफ इंश्योरेंस: परिवार की सुरक्षा में बढ़ता योगदान
वित्तीय वर्ष 2025 में टर्म इंश्योरेंस लेने वाली महिलाओं की भागीदारी 18% तक पहुंच गई है। इस प्रवृत्ति के पीछे महिलाओं की कार्यस्थल पर बढ़ती भागीदारी, वित्तीय निर्णयों में अधिक सक्रिय भूमिका और डिजिटल वित्तीय सेवाओं की आसान उपलब्धता जैसे कारण प्रमुख हैं। बीमा लेने वाली महिलाओं में सबसे अधिक भागीदारी वेतनभोगी महिलाओं की (49%) है, जबकि गृहिणियों की हिस्सेदारी भी 39% तक पहुंच गई है, जो यह दर्शाता है कि वे अब परिवार की आर्थिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
आयु वर्ग के अनुसार, 31-40 वर्ष की महिलाओं में टर्म इंश्योरेंस की सबसे अधिक मांग (48%) देखी गई है, क्योंकि इस दौरान वे शादी, मातृत्व, होम लोन और लॉन्ग-टर्म प्लानिंग जैसी वित्तीय जिम्मेदारियों का सामना करती हैं। बीमा कवरेज की बात करें, तो महिलाएं अब इन्फ्लेशन-एडजस्टेड प्लानिंग को समझते हुए ₹1 करोड़+ का कवर लेना पसंद कर रही हैं। वर्तमान में, 49% महिलाएं ₹50 लाख - ₹99 लाख की बीमा पॉलिसी ले रही हैं, जबकि 34% महिलाएं ₹1 करोड़ - ₹1.99 करोड़ तक का बीमा कवर चुन रही हैं।
महिला और स्वास्थ्य बीमा: हाई कवरेज और स्मार्ट प्लानिंग
महिलाओं की स्वास्थ्य बीमा में भागीदारी 15% से बढ़कर 22% हो गई है, जो यह दर्शाता है कि वे अब स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क हो रही हैं। इसके अलावा, 70-75% महिलाएं ₹10 लाख+ बीमा कवर चुन रही हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे भविष्य में मेडिकल महंगाई और आकस्मिक स्वास्थ्य खर्चों से निपटने के लिए तैयार हैं।
40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं अब ₹1 करोड़ तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर चुन रही हैं, जिससे यह साबित होता है कि वे गंभीर बीमारियों और महंगे अस्पताल खर्चों से बचाव के लिए पहले से ही योजना बना रही हैं। स्वास्थ्य बीमा अब मेट्रो शहरों से आगे बढ़कर टियर 2 और 3 शहरों तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 46% खरीदारी टियर 1 शहरों से, 34% टियर 2 शहरों से और 20% टियर 3 शहरों से हो रही है, जो यह दर्शाता है कि कम आय वाले क्षेत्रों में भी बीमा की जागरूकता बढ़ रही है।
महिला और निवेश-लिंक्ड इंश्योरेंस: ग्रोथ, रिटायरमेंट और सुरक्षा को प्राथमिकता
महिलाओं का ULIPs (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान) में निवेश 18% तक बढ़ गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे अब लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन और बाजार-आधारित निवेश विकल्पों को अपना रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 1/3rd महिलाओं का निवेश रिटायरमेंट और बच्चों के भविष्य पर केंद्रित है, जिससे उनका भविष्य के प्रति वित्तीय दृष्टिकोण मजबूत हुआ है।
महिलाएं अब छोटे प्रीमियम अवधि के साथ लंबी अवधि के निवेश को प्राथमिकता दे रही हैं। 50% महिलाएं 5-पे टर्म के साथ 20 साल की पॉलिसी को चुन रही हैं, जिससे उन्हें लंबी अवधि में अधिक लाभ मिल सके। निवेश की बात करें, तो 31-45 वर्ष की महिलाएं 50% से अधिक ULIPs में निवेश कर रही हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मध्यम आयु वर्ग की महिलाएं अब अपनी वित्तीय सुरक्षा को लेकर अधिक गंभीर हो गई हैं।
