Aviom India Housing Finance: राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने के आवेदन को स्वीकार कर लिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 27 जनवरी को कामकाज संबंधी चिंताओं और विभिन्न भुगतान दायित्वों को पूरा करने में चूक के कारण एविओम के निदेशक मंडल को भंग कर दिया था। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक राम कुमार को इसका प्रशासक नियुक्त किया था।
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क्यों उठाया गया ये कदम
आरबीआई ने यह कदम राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) की सिफारिश के आधार पर उठाया था। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की नयी दिल्ली पीठ के समक्ष आवेदन दायर किया था।
तीन सदस्यीय समिति की जिम्मेदारी होगी अहम
आरबीआई ने प्रशासक की मदद के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन भी किया है। एविओम के खिलाफ दिवाला समाधान प्रक्रिया के लिए याचिका स्वीकार किए जाने पर (20 फरवरी 2025 का आदेश) आरबीआई ने शुक्रवार को कहा कि उसने फैसला किया है कि तीन सदस्यीय समिति, सलाहकार समिति के रूप में काम करना जारी रखेगी।
कौन होंगे सदस्य
केंद्रीय बैंक ने कहा कि समिति दिवाला समाधान प्रक्रिया के दौरान एवीआईओएम के संचालन में प्रशासक को सलाह देगी।
परितोष त्रिपाठी (पूर्व सीजीएम, भारतीय स्टेट बैंक), रजनीश शर्मा (पूर्व सीजीएम, बैंक ऑफ बड़ौदा) और संजय गुप्ता (पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस) सलाहकार समिति के तीन सदस्य हैं। (इनपुट - भाषा)
