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Infosys ने चुपचाप दिया कर्मचारियों को झटका, नहीं बढ़ाई सैलरी, जानें वजह

Infosys Did Not Hike Salary: इंफोसिस जुलाई में अपने सीनियर मैनेजमेंट की सैलरी में भी बढ़ोतरी की योजना बना रही है, लेकिन अभी तक उन्हें भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। अभी तक ये क्लियर नहीं है कि उनकी सैलरी बढ़ी है या नहीं।

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इंफोसिस ने नहीं बढ़ाई सैलरी

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • इंफोसिस ने नहीं बढ़ाई कर्मचारियों की सैलरी
  • कर्मचारियों को नहीं बताया कोई कारण
  • सीनियर मैनेजमेंट को भी दिया झटका

Infosys Did Not Hike Salary: भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने अपने कर्मचारियों को तगड़ा झटका दिया है। कंपनी ने अपने सीनियर मैनेजमेंट लेवल से नीचे के कर्मचारियों के लिए आमतौर पर अप्रैल से होने वाली वेतन बढ़ोतरी को रोक दिया है। इस बात को कंपनी के मौजूदा कमजोर आर्थिक माहौल के चलते दबाव या संकट में होने का संकेत माना जा रहा है।

नहीं मिली बढ़ी हुई सैलरी

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार कई कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें उनकी सैलरी बढ़ोतरी के साथ नहीं मिली है, जो जून तिमाही में मिलती थी। उन्हें बढ़ी हुई सैलरी मिलने में देरी या कब से बढ़ी हुई सैलरी मिल सकती है, इसकी भी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

इस मामले पर अभी इंफोसिस का कोई बयान नहीं आया है। टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं करता है।

सीनियर मैनेजमेंट को भी झटका

कंपनी जुलाई में अपने सीनियर मैनेजमेंट की सैलरी में भी बढ़ोतरी की योजना बना रही है, लेकिन अभी तक उन्हें भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। अभी तक ये क्लियर नहीं है कि उनकी सैलरी बढ़ी है या नहीं।

कोरोना काल में रोकी थी बढ़ोतरी

इंफोसिस ने इससे पहले कैश कंवर्जेशन के कारण 2020 के कोरोना महामारी वाले साल में भी बढ़ोतरी रोक दी थी, और फिर जनवरी 2021 में बढ़ोतरी शुरू की थी। इंफोसिस 20 जुलाई को चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के फाइनेंशियल आंकड़े पेश करने वाली है। इस तिमाही में कंपनी के कमजोर आंकड़े पेश करने की संभावना जताई गई है।

कितनी इनकम ग्रोथ की उम्मीद

पूरे साल के लिए कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 में इनकम में 4-7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। वित्त वर्ष 2017-18 के बाद ऐसा पहली बार है जब कंपनी की अनुमानित इनकम ग्रोथ इस कम लिमिट में रहेगी। बता दें कि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में, कंपनी ने पूरी ऑर्गेनाइजेशन में अपने वेरिएबल पेआउट को औसतन 60 प्रतिशत तक घटा दिया था।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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