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Infosys CEO सलील पारेख की इतनी बढ़ी सैलरी, वित्त वर्ष 2026 में कमाए 82.6 करोड़ रुपये

Infosys CEO Salary: इंफोसिस के CEO सलील पारेख की वित्त वर्ष 2026 में कुल कमाई 82.6 करोड़ रुपये रही। उनकी सैलरी में 2.5% बढ़ोतरी हुई, जबकि आय का सबसे बड़ा हिस्सा स्टॉक ऑप्शंस से आया।

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Infosys CEO सलील पारेख की सैलरी में 2.5% बढ़ी (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Infosys CEO Salary : भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सलील पारेख (Salil Parekh) की सालाना सैलरी में वित्त वर्ष 2026 के दौरान 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पारेख ने इस दौरान कुल 82.6 करोड़ रुपये (करीब 8.69 मिलियन डॉलर) का पारिश्रमिक हासिल किया। यह जानकारी शुक्रवार को जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट में सामने आई।

वेतन और बोनस से हुई अच्छी कमाई

रिपोर्ट के मुताबिक, सलील पारेख को 7.97 करोड़ रुपये का निश्चित वेतन मिला। इसके अलावा उन्हें प्रदर्शन आधारित बोनस और अन्य प्रोत्साहनों के रूप में 23.35 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। हालांकि उनकी कुल कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा स्टॉक ऑप्शंस से आया, जिनकी कीमत करीब 50.75 करोड़ रुपये रही। स्टॉक ऑप्शंस वह व्यवस्था होती है जिसमें कंपनी अपने सीनियर अधिकारियों को कंपनी के शेयर खरीदने या उनसे लाभ कमाने का अवसर देती है। पारेख ने इन विकल्पों का उपयोग कर अपनी आय में बड़ा इजाफा किया।

डॉलर में कम दिखी कमाई, लेकिन वजह अलग

दिलचस्प बात यह है कि रुपये के हिसाब से सलील पारेख की कमाई बढ़ी है, लेकिन डॉलर में देखें तो उनकी आय पिछले वर्ष की तुलना में कम दिखाई देती है। वित्त वर्ष 2025 में उन्होंने 9.44 मिलियन डॉलर कमाए थे, जबकि वित्त वर्ष 2026 में यह आंकड़ा घटकर 8.69 मिलियन डॉलर रह गया। इसकी मुख्य वजह भारतीय रुपये की कमजोरी रही। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 9.88 प्रतिशत कमजोर हुआ। इसी कारण डॉलर में उनकी आय कम दिखाई दे रही है, जबकि भारतीय मुद्रा में उनकी कमाई बढ़ी है।

CEO के कार्यकाल को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं

Infosys की वार्षिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सलील पारेख का कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं। उनका मौजूदा पांच वर्षीय कार्यकाल अगले वर्ष मार्च में समाप्त होने वाला है। सलील पारेख पहले ही Infosys के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गैर-संस्थापक (Non-Founder) CEO बन चुके हैं। कंपनी के निवेशकों और कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर है कि बोर्ड उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का फैसला करता है या नहीं।

आईटी सेक्टर के सामने नई चुनौतियां

भारत का करीब 315 अरब डॉलर का आईटी उद्योग इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के कारण दुनिया भर की कंपनियां अपने तकनीकी खर्चों की समीक्षा कर रही हैं। इससे आईटी कंपनियों की विकास दर पर असर पड़ रहा है। हाल ही में OpenAI द्वारा सेवाओं पर आधारित एक नए उद्यम की घोषणा के बाद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। आईटी शेयर तीन वर्षों के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गए थे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी सेवाओं के कारोबार पर दबाव बढ़ सकता है।

Infosys की ग्रोथ रेट का अनुमान

Infosys ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 1.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत के बीच राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है। यह अनुमान कई विश्लेषकों की अपेक्षाओं से थोड़ा कम माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान था कि कंपनी की वृद्धि दर 2 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के बीच रह सकती है। वहीं वित्त वर्ष 2026 में Infosys ने स्थिर मुद्रा के आधार पर 3.1 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की, जो बाजार के अनुमान के अनुरूप रही।

अन्य आईटी कंपनियों के CEO की कमाई

Infosys की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के CEO के. कृतिवासन ने वित्त वर्ष 2026 में लगभग 2.96 मिलियन डॉलर की कमाई की। वहीं HCLTech और Wipro ने अभी तक अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी नहीं की है, इसलिए उनके शीर्ष अधिकारियों के वेतन संबंधी आंकड़े सामने नहीं आए हैं।

सलील पारेख की बढ़ी हुई सैलरी यह दिखाती है कि Infosys ने चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद अपने नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखा है। हालांकि AI से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच कंपनी के सामने आगे भी कई चुनौतियां मौजूद हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में Infosys के प्रदर्शन और पारेख के नेतृत्व को लेकर उद्योग जगत की नजर बनी रहेगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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