Noida News: नोएडा के सेक्टर-75 स्थित गार्डेनिया गेटवे सोसाइटी में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सोसाइटी के प्लॉट नंबर-9 में स्थित टावर C-2 के फ्लैट नंबर 1814 की छत का लेंटर अचानक टूटकर नीचे गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय फ्लैट में मौजूद व्यक्ति कुछ ही पल पहले बिस्तर से उठकर पानी पीने के लिए चला गया था। इसी वजह से वह हादसे की चपेट में आने से बच गया। अगर वह उसी जगह पर मौजूद रहता, तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी।
निवासियों ने बोला यह कोई पहली घटना
घटना के बाद पूरे परिसर में रहने वाले लोगों के बीच चिंता और डर का माहौल बन गया। निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सोसाइटी में लंबे समय से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उनका आरोप है कि कई टावरों और फ्लैटों में दीवारों पर दरारें दिखाई देती हैं, जगह-जगह प्लास्टर उखड़ रहा है और कुछ स्थानों पर बालकनियों एवं अन्य संरचनात्मक हिस्सों में भी कमजोर निर्माण के संकेत देखने को मिले हैं। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
बिल्डर की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिल्डर की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका आरोप है कि निर्माण संबंधी खामियों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जिससे निवासियों की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी हुई है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें अपने ही घरों और सोसाइटी के कॉमन एरिया में रहने के दौरान असुरक्षा का एहसास होता है।
स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग
इस घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे गार्डेनिया गेटवे परिसर का व्यापक स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सभी टावरों और फ्लैटों की तकनीकी जांच कराई जाए और जहां भी निर्माण संबंधी कमियां सामने आएं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए। उनका मानना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने से भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना और जनहानि को रोका जा सकता है। फिलहाल इस घटना को लेकर बिल्डर या संबंधित प्राधिकरण की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, निवासी मामले में जल्द कार्रवाई और जवाबदेही तय किए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
