IndusInd Bank Crisis Explained: प्राइवेट सेक्टर के बैंक इंडसइंड बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गड़बड़ियों की जांच के लिए एक नई फर्म नियुक्त करने का निर्देश दिया था। इस निर्देश को फॉलो करते हुए बैंक ने कॉम्प्रिहेंसिव "फोरेंसिक जाँच" शुरू की है। इसके लिए एक नई एजेंसी नियुक्त की गयी है, जो यह भी जांच करेगी कि क्या सीनियर मैनेजमेंट उन गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार था या उन्हें इसकी जानकारी थी, जिनके कारण डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में चूक हुईं। इस नई जांच का दायरा बहुत बड़ा और गहरा है, जो पूरे बैंक को कवर करेगा। साथ ही इसमें अकाउंटिंग में किसी भी चूक का भी पता लगाया जाएगा, जिसमें गड़बड़ के लिए मैनेजमेंट को जवाबदेह ठहराना भी शामिल है।
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सीईओ-डिप्टी सीईओ को हटाने की खबरें गलत
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार नई एजेंसी जांच शुरू कर चुकी है। वहीं अलग से एक बयान में इंडसइंड बैंक ने कहा कि मीडिया में आई ऐसी खबरें 'तथ्यात्मक रूप से गलत' हैं कि आरबीआई ने इसके सीईओ सुमंत कठपालिया और डिप्टी सीईओ अरुण खुराना को पद छोड़ने को कहा है।
हो सकते हैं बड़े खुलासे
बीते गुरुवार को बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया था कि इसके बोर्ड ने एक जांच करने के लिए एक इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल फर्म को अपॉइंट करने का फैसला किया है। जांच का उद्देश्य गड़बड़ियों की असल वजह को पहचानना है।
1 महीने में 33.4 फीसदी गिर गया शेयर
- इंडसइंड बैंक का शेयर बीते 1 महीने में 33.4 फीसदी गिर गया है
- 5 दिन में ये 2.5 फीसदी नीचे आया है
- 6 महीनों में शेयर 53.20 फिसला है
- 2025 में अब तक ये 54.56 फीसदी फिसला है
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
