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Indian Startup: भारतीय स्टार्टअप पर निवेशक फिदा, जमकर लगा रहे हैं पैसा, इस साल अब तक 10 करोड़ डॉलर की फंडिंग

Indian Startup: क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो की ओर से 2024 में दो राउंड एक अरब डॉलर (340 मिलियन डॉलर+ 665 मिलियन डॉलर) की फंडिंग जुटाई गई है।कंपनी ने आखिरी 340 मिलियन डॉलर की फंडिंग 5 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर जुटाई थी। टैक्सी सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनी रैपिडो की ओर से 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई गई है। कंपनी का ताजा वैल्यूएशन 1.1 अरब डॉलर है।

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रिटेल स्टार्टअप में फंडिंग बढ़ी

Indian Startup:भारतीय स्टार्टअप इस साल बड़ी फंडिंग यानी 100 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश जुटाने में कामयाब रहे हैं। इसकी वजह कंपनियों का ग्रोथ के साथ मुनाफे कमाने पर फोकस को माना जा रहा है जिसके निवेशक स्टार्टअप पर जमकर दांव लगा रहे हैं।स्टार्टअप कंपनियों ने 2024 में अब तक 13 राउंड में 100 मिलियन डॉलर या उससे अधिक की फंडिंग जुटाई गई है। इनमें जेप्टो, रेपिडो, लेंसकार्ट, फ्लिपकार्ट, मीशो और फार्मईजी जैसी कंपनियों के नाम हैं।

इन कंपनियों ने जुटाए सबसे ज्यादा पैसे

क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो की ओर से 2024 में दो राउंड एक अरब डॉलर (340 मिलियन डॉलर+ 665 मिलियन डॉलर) की फंडिंग जुटाई गई है।कंपनी ने आखिरी 340 मिलियन डॉलर की फंडिंग 5 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर जुटाई थी। टैक्सी सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनी रैपिडो की ओर से 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई गई है। कंपनी का ताजा वैल्यूएशन 1.1 अरब डॉलर है।

आईवियर सेगमेंट में काम करने वाली कंपनी लेंसकार्ट की ओर भी 2024 में अब तक 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग की जुटाई जा चुकी है। कंपनी का वैल्यूएशन करीब 5 अरब डॉलर का है।

वहीं, फ्लिपकार्ट, मीशो और फार्म इजी की ओर से भी 2024 में अब तक 350 मिलियन डॉलर, 275 मिलियन डॉलर और 216 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई गई है।

भारतीय स्टार्टअप आसानी से फंडिंग जुटा सके। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से आम बजट 2024-25 में एंजेल टैक्स को भी हटा दिया गया है। पिछले हफ्ते 31 घरेलू स्टार्टअप कंपनियों को 22 राउंड में 466 मिलियन डॉलर में सफलता मिली थी। इससे पहले के हफ्ते से 75 प्रतिशत अधिक थी।

5 गुना हुए फिनटेक स्टार्ट अप

देश में फिनटेक यूनिकॉर्न की संख्या 26 तक पहुंच गई है। इनकी संयुक्त मार्केट वैल्यू 90 अरब डॉलर से भी ज्यादा है। जेएम फाइनेंसियल की एक रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले तीन वर्षों में भारत में फिनटेक स्टार्टअप की संख्या पांच गुना बढ़कर 10,200 (2024) हो गई है। वित्त वर्ष 23 में इन सभी कंपनियों की अनुमानित आय 20 अरब डॉलर के आसपास थी। यह देश में मौजूद सभी बैंक, फाइनेंसियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (बीएफएसआई) कंपनियों की कुल आय का 5 प्रतिशत था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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