अमेरिकी डॉलर के सामने रुपये ने दिखाई ताकत, रिकॉर्ड लो के बाद दिखा बड़ा उछाल, जानें ताजा रेट
- Edited by: आलोक कुमार
- Updated Jan 30, 2026, 10:58 AM IST
Dollar vs Rupee: भारतीय रुपये में गिरावट आज थमी है। शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ है। गुरुवार को रुपया अपने ससबे निचले स्तर पर बंद हुआ था।
डॉलर बनाम रुपया
Dollar vs Rupee: रुपया रिकॉर्ड लो के बाद आज रिकवरी मोड में है। अमेरिकी डॉलर के सामने ताकत दिखाते हुए नौ पैसे मजबूत हो कर 91.90 पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बीच शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से सुधरा है। करेंसी एक्सपर्ट के अनुसार, भारतीय मुद्रा में तेज सुधार को मजबूत डॉलर और निवेशी निवेशकों की निकासी ने सीमित किया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 91.89 पर खुला और शुरुआती सौदों में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 91.87 तक मजबूत होने के बाद 91.90 पर कारोबार कर रहा था। इस तरह रुपये ने पिछले बंद भाव के मुकाबले नौ पैसे की बढ़त दर्ज की।
गुरुवार को सबसे निचले स्तर पर हुआ था बंद
रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले 91.99 के अपने सबसे निचले स्तर पर स्थिर बंद हुआ था। इससे पहले 23 जनवरी को रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92 के अब तक के सबसे निचले स्तर को छुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 96.48 पर था। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.50 प्रतिशत गिरकर 69.62 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
रुपये में कमजोरी से क्या मिल रहे संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि हाल ही में रुपया कमजोर हुआ है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि भारत की आर्थिक स्थिति कमजोर है। वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने और विदेशी पूंजी के प्रवाह में कमी के कारण रुपये पर दबाव पड़ा है। विकसित देशों में उच्च ब्याज दरों ने विदेशी निवेश को आकर्षक बना दिया, जिससे निवेशक पूंजी को चुनिंदा जगहों पर लगाने लगे हैं। भारत का चालू खाता घाटा भी इस कमजोरी का कारण है, क्योंकि देश को आयात और निर्यात के अंतर को पूरा करने के लिए विदेशी पूंजी पर निर्भर रहना पड़ता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में मुख्य आर्थिक सलाहकार वेणकटरामणन एनान्था नागेश्वरन ने बताया कि यह गिरावट भारत के आर्थिक मूलभूत तथ्यों से जुड़ी नहीं है, बल्कि वैश्विक पूंजी प्रवाह की वजह से है। उन्होंने यह भी कहा कि रुपया लंबे समय में स्थिर रहा है और रिकॉर्ड स्तरों पर इसे देखकर अत्यधिक चिंता करने की जरूरत नहीं। पूंजी प्रवाह और निवेशक व्यवहार की वजह से ऐसी अस्थायी गिरावट होती रहती है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।