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Indian Real Estate Sector: भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में 2025 में टियर 2 और 3 शहरों पर रहेगा फोकस, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Indian Real Estate Sector: रिपोर्ट में बताया गया कि घरेलू वृद्धि दर और लंबी अवधि के रिटर्न को देखते हुए 2024 में रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 5 से 6 अरब डॉलर का रहना चाहिए।

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Indian Real Estate Sector

Indian Real Estate Sector: रेजिडेंशियल, ऑफिस और इंडस्ट्रियल सेक्टर में 2024 में बंपर तेजी देखने को मिली है और 2025 में कंसोलिडेशन रह सकता है। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई। कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रेजिडेंशियल और ऑफिस बाजार लगातार उच्च स्तर पर रहने के बाद संभावित रूप से स्थिर हो सकते हैं, लेकिन इंडस्ट्रियल और वेयरहाउस की मांग में वृद्धि देखी जा सकती है, जिसे मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि और बढ़ती हुई लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री का फायदा मिलेगा।

रिपोर्ट में बताया गया कि बढ़ता हुआ शहरीकरण, बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का पूरा होना और इंस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास से 2025 में वृद्धि की नई संभावनाएं विशेषकर टियर 2 और टियर 3 शहरों में उबरेंगी। वहीं, 2024 में शीर्ष छह शहरों में वार्षिक सकल पट्टे चालू वर्ष की तीसरी तिमाही तक 47 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गए हैं, जो सालाना आधार पर 23 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

रेजिडेंशियल मोर्चे पर स्थिर ब्याज दरों का समर्थन मिलेगा। 2024 में शीर्ष आठ शहरों में घरों की कीमतों में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। भारतीय रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 2024 में भी अच्छा बना रहेगा, जो निवेशकों के निरंतर विश्वास को दर्शाता है। 2024 के पहले नौ महीनों के दौरान 4.7 अरब डॉलर के रियल एस्टेट निवेश में ऑफिस और इंडस्ट्रियल और वेयरहाउसिंग सेगमेंट की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से अधिक रही। रिपोर्ट में बताया गया कि घरेलू वृद्धि दर और लंबी अवधि के रिटर्न को देखते हुए 2024 में रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 5 से 6 अरब डॉलर का रहना चाहिए।

कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बादल याग्निक ने कहा, "2025 एक और साल हो सकता है, जिसमें कई रियल एस्टेट क्लास, निवेशकों और अंतिम यूजर्स के आशावाद को बढ़ावा देंगे। विशेष रूप से डेटा सेंटर, को-लिविंग और सीनियर हाउसिंग जैसे अल्टरनेटिव एसेट्स वर्गों में तेज वृद्धि होने की संभावना है, जो डेमोग्राफी और उपभोक्ता वरीयताओं में व्यापक और स्थिर बदलाव को दर्शाता है।"

(इनपुट-आईएएनएस)

Ankita Pandey
अंकिता पाण्डेयauthor

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही फील्ड रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत हुई। फिर जनसत्ता के डिजिटल प्लैटफॉर्म में लगभग 1.5 साल तक काम किया। 2022 में टाइम्स नाउ नवभारत के एजुकेशन टीम का हिस्सा बनीं। करीब चार साल के छोटे से करियर में स्कूली शिक्षा से लेकर रोजगार तक के सभी पहलुओं पर पकड़ बनाई। नए और रोचक विषयों पर स्टोरी बनाने के साथ ही सक्सेस स्टोरी के जरिए युवाओं को प्रोत्साहन देना भी काम का हिस्सा है। जॉब वैकेंसी, स्कूल-कॉलेज, करियर ऑप्शन, एग्जाम टिप्स, करंट अफेयर्स से जड़ी तमाम खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहती हैं।

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