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गर्मियों की छुट्टियों में वेटिंग की नो टेंशन, रेलवे चला रहा है 18000 समर स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स

अगर आप गर्मियों की छुट्टियों में घूमने का प्लान बना रहे है तो बेफिक्र होकर घूम आइए. दरअसल, रेलवे ने इस बार गर्मियों में 18000 समर स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स चलाने का फैसला किया है।

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Indian Railway

गर्मियों का मौसम आते ही देश भर में स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में लाखों लोग अपने परिवार के साथ पैतृक गांव जाने या किसी ठंडी जगह पर घूमने का प्लान बनाने लगते हैं। लेकिन इस सीजन में आम तौर पर रेल यात्रियों के सामने सबसे बड़ी मुसीबत आती है 'कंफर्म टिकट' की मारामारी। रेगुलर ट्रेनों में महीनों पहले से ही वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी हो जाती है कि टिकट कंफर्म होना लगभग नामुमकिन लगने लगता है। यात्रियों की इसी भारी भीड़ और परेशानी को देखते हुए भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने इस बार एक बहुत बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। रेलवे ने इस समर सीजन में रिकॉर्ड तोड़ 18,000 से भी ज्यादा समर स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स (Summer Special Train Trips) चलाने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इस घोषणा के बाद उन करोड़ों रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली है, जो गर्मियों में सफर करने की तैयारी कर रहे हैं।

वेटिंग लिस्ट की झंझट खत्म

रेलवे द्वारा इतनी बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनें चलाने का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी परेशानी के कंफर्म बर्थ (Confirm Ticket) उपलब्ध कराना है। आम तौर पर हर साल अप्रैल, मई और जून के महीनों में प्रमुख रेल रूटों पर यात्रियों की संख्या में अचानक भारी उछाल आता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की तरफ जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। रेलवे के इस नए विंग प्लान के तहत, देश के सभी प्रमुख और सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले रूटों को चिह्नित किया गया है, ताकि वहां अतिरिक्त ट्रेनें चलाकर यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाया जा सके।

यह पूरा मैनेजमेंट देश के अलग-अलग रेलवे जोनों (Railway Zones) के सहयोग से किया जा रहा है। मध्य रेलवे (Central Railway), पश्चिमी रेलवे (Western Railway), उत्तर रेलवे (Northern Railway) जैसे बड़े जोनों ने अपनी-अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इन स्पेशल ट्रेनों को न सिर्फ बड़े महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ा जा रहा है, बल्कि देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए भी विशेष फेरे (Trips) लगाए जा रहे हैं। इससे उन प्रवासियों को बहुत फायदा होगा जो त्योहारों या छुट्टियों में अपने घर वापस लौटते हैं। इन स्पेशल ट्रेनों में स्लीपर क्लास से लेकर थर्ड एसी, सेकेंड एसी और जनरल बोगियों तक का पूरा इंतजाम किया गया है, ताकि हर वर्ग का यात्री अपनी जेब के हिसाब से टिकट बुक कर सके।

रेलवे ने और भी किए इंतजाम

इतना ही नहीं, रेलवे ने इस बार केवल स्पेशल ट्रेनें चलाने पर ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर भी कड़े इंतजाम किए हैं। गर्मियों में पानी की किल्लत और स्टेशनों पर होने वाली आपाधापी को रोकने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। स्टेशनों पर पीने के साफ पानी की चौबीसों घंटे उपलब्धता, अतिरिक्त टिकट काउंटर और सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है, ताकि भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके साथ ही ट्रेनों के समय पालन पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि स्पेशल ट्रेनें ज्यादा लेट न हों और यात्री अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच सकें।

यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे इन ट्रेनों का लाभ कैसे उठा सकते हैं। इन 18,000 से अधिक स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स की समय-सारणी और रूट की पूरी जानकारी आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट और आधिकारिक ऐप पर अपडेट की जा रही है। यात्री घर बैठे ही इन ट्रेनों में उपलब्ध सीटों की स्थिति देख सकते हैं और अपनी बुकिंग करा सकते हैं। चूंकि ये ट्रेनें चरणबद्ध तरीके से चलाई जा रही हैं, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार रेलवे के नोटिफिकेशन और आईआरसीटीसी पोर्टल को चेक करते रहें, क्योंकि कई बार नई घोषित स्पेशल ट्रेनों में तुरंत कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे का यह कदम गर्मियों के सफर को 'नो टेंशन' और सुखद बनाने वाला साबित होने जा रहा है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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