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सीमेंट कंपनियों की बढ़ीं मुश्किलें! CCI ने अल्ट्राटेक सीमेंट्स, डालमिया भारत से मांगे वित्तीय विवरण

प्रतिस्पर्धा आयोग ने डालमिया भारत सीमेंट्स और श्री दिग्विजय सीमेंट्स को भी आदेश के आठ सप्ताह के भीतर बही-खाता और लाभ एवं हानि के ब्योरे सहित अपने ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण देने का कहा है।

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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी अल्ट्राटेक और दो अन्य सीमेंट विनिर्माताओं एवं उनके अधिकारियों को वित्तीय दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।यह निर्देश सीसीआई के महानिदेशक की जांच में प्रतिस्पर्धा मानदंडों का उल्लंघन पाए जाने के बाद दिया गया है।

इसने अल्ट्राटेक को अपनी अनुषंगी कंपनी इंडिया सीमेंट्स के लिए वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2018-19 तक पांच वर्षों के वित्तीय विवरण देने को कहा है जबकि डालमिया भारत सीमेंट्स एवं श्री दिग्विजय सीमेंट्स को वित्त वर्ष 2010-11 से लेकर वित्त वर्ष 2018-19 तक नौ वर्षों के वित्तीय विवरण पेश करने को कहा है।

इसके अलावा, सीसीआई ने उनके अधिकारियों को जांच रिपोर्ट पर औपचारिक प्रतिक्रियाओं के साथ पांच वर्षों के विस्तृत वित्तीय एवं आयकर रिकॉर्ड पेश करने का भी निर्देश दिया है।इस संबंध में प्रतिक्रिया के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट्स को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया है।

वहीं, डालमिया भारत सीमेंट्स ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि प्रतिस्पर्धा आयोग को इस मामले में उसका पक्ष सुनना या कोई औपचारिक आदेश जारी करना अभी बाकी है।कंपनी ने कहा, 'डीसीबीएल सभी नियामकीय अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है और अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है।'

सीसीआई का निर्देश ओएनजीसी की तरफ से दायर एक शिकायत पर आया है, जिसमें उसकी निविदाओं में साठगांठ करने का आरोप लगाया गया था। आयोग ने 18 नवंबर, 2020 को अपनी जांच इकाई के महानिदेशक को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था।जांच महानिदेशक ने 18 फरवरी, 2025 को पेश अपनी जांच रिपोर्ट में प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन पाया था। इसने पाया कि अल्ट्राटेक की अनुषंगी इंडिया सीमेंट्स, श्री दिग्विजय सीमेंट और डालमिया सीमेंट के साथ उमाकांत अग्रवाल नाम का एक बिचौलिया प्रतिस्पर्धा-रोधी मिलीभगत में लिप्त थे।

सीसीआई ने 26 मई, 2025 को रिपोर्ट पर विचार करने के बाद अपने आदेश में सीमेंट कंपनी को कथित उल्लंघनों की बिक्री से हुई आय का ब्योरा जमा करने का निर्देश दिया।प्रतिस्पर्धा आयोग ने कहा है कि यदि कंपनियां तय समयसीमा के भीतर वित्तीय विवरण पेश नहीं करती हैं या अधूरी/झूठी जानकारी देती हैं, तो वे अधिनियम की धारा 45 के तहत जवाबदेह मानी जाएंगी। अल्ट्राटेक सीमेंट्स ने दिसंबर, 2024 में इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के प्रवर्तकों और प्रवर्तक समूह इकाइयों से 32.72 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था।

भाषा इनपुट

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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