India-US Trade Deal Legal Draft: भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट) को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी से अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक शुरू होने जा रही है। एक सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधि मसौदे के कानूनी पहलुओं पर चर्चा करेंगे और समझौते को औपचारिक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
संयुक्त बयान के बाद अब कानूनी मसौदे पर काम
इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया था कि अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक बुनियादी रूपरेखा पर सहमति बन गई है। इस रूपरेखा में उन मुख्य बिंदुओं को शामिल किया गया है, जिन पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है। अब इन्हीं बिंदुओं को एक औपचारिक और कानूनी समझौते का रूप दिया जाएगा। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक अधिकारियों के अनुसार, रूपरेखा तैयार हो जाने के बाद अगला कदम इसे विस्तृत कानूनी दस्तावेज में बदलना है, ताकि भविष्य में किसी तरह की अस्पष्टता न रहे। दोनों पक्ष चाहते हैं कि समझौता स्पष्ट, संतुलित और आपसी हितों की रक्षा करने वाला हो। उम्मीद जताई जा रही है कि इस समझौते पर मार्च महीने में हस्ताक्षर हो सकते हैं।
भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे दर्पण जैन
अमेरिका में होने वाली इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन करेंगे। उनके नेतृत्व में भारतीय दल अमेरिकी अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेगा। बैठक तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें शुल्क दरों, बाजार पहुंच, और अन्य व्यापारिक शर्तों को लेकर कानूनी भाषा और प्रावधानों पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ रही है।
कई वस्तुओं पर मिलेगी शुल्क में रियायत
अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारत और अमेरिका एक-दूसरे के यहां निर्यात की जाने वाली कई वस्तुओं पर शुल्क में रियायत देंगे। इसका सीधा फायदा दोनों देशों के व्यापारियों और उद्योगों को होगा। कम शुल्क के कारण वस्तुएं सस्ती होंगी और व्यापार बढ़ने की संभावना है। अमेरिका ने घोषणा की है कि वह भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए जवाबी टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। यह फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। इससे खासतौर पर उन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा, जिन पर पहले अधिक टैरिफ के कारण दबाव था।
रूस से तेल खरीद पर दंडात्मक शुल्क पहले ही समाप्त
अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत का पेलान्टी टैरिफ पहले ही समाप्त किया जा चुका है। इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में मदद मिली है और व्यापारिक संबंधों को सामान्य बनाने का रास्ता साफ हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले से दोनों देशों के बीच भरोसा मजबूत होता है। अंतरिम समझौता भविष्य में एक व्यापक और स्थायी व्यापार समझौते की दिशा में पहला कदम हो सकता है।
मार्च में हस्ताक्षर की उम्मीद
अधिकारियों के मुताबिक, अगर तीन दिवसीय बैठक में सभी बिंदुओं पर सहमति बन जाती है, तो मार्च में इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। इसके बाद समझौता लागू होने की प्रक्रिया शुरू होगी। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार पहले से ही काफी बड़ा है, और इस नए समझौते से इसमें और तेजी आने की उम्मीद है। दोनों देश अपने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं। ऐसे में यह बैठक और प्रस्तावित समझौता आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा दे सकता है।
पीयूष गोयल बोले...
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर होने और अप्रैल में इसके लागू होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भारत के ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) भी अप्रैल में लागू होने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड के साथ समझौता सितंबर में लागू हो सकता है। भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए तीन दिवसीय बैठक 23 फरवरी से अमेरिका में शुरू होगी। इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर घोषणा की थी कि अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा तय कर ली गई है।
