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India-UK FTA: भारत-ब्रिटेन में हुई अब तक की सबसे बड़ी डील, आम लोगों की बढ़ेगी कमाई, होंगे कई फायदे

India-UK FTA Signed: इस FTA के अंतर्गत कई उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे भारत और यूके के बीच व्यापार अब और भी आसान, तेज और किफायती हो जाएगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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India UK FTA

India-UK FTA Signed: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर हो गए हैं। समझौते के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, यह समझौता मेहनतकश लोगों के जीवन में बदलाव लाएगा उनकी तनख्वाह बढ़ेगी, जीवन स्तर सुधरेगा और आम लोगों की जेब में ज्यादा पैसा पहुंचेगा। यह डील नौकरियों और कारोबार को नई रफ्तार देगी।

इस FTA के अंतर्गत कई उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे भारत और यूके के बीच व्यापार अब और भी आसान, तेज़ और किफायती हो जाएगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मौजूदगी में भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर हो गए हैं।

2030 तक व्यापार होगा दोगुना

इस समझौते का मकसद है 2030 तक भारत-यूके के बीच व्यापार को दोगुना कर 120 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना। यह दोनों देशों के लिए आर्थिक लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है।

दोनों देशों को होंगे ये फायदे

FTA के तहत भारत से चमड़ा, फुटवियर, ऑटो पार्ट्स, सीफूड, खिलौने और वस्त्र जैसे उत्पाद अब कम शुल्क पर ब्रिटेन को निर्यात किए जा सकेंगे, जिससे वहां के ग्राहकों को ये सामान सस्ते में मिलेंगे।

वहीं, ब्रिटेन से भारत आने वाले उत्पादों जैसे स्कॉच व्हिस्की, कारें, कॉस्मेटिक्स और अन्य आयातित सामानों पर भी टैरिफ कम होगा, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को भी सस्ती कीमतों पर ये उत्पाद मिल सकेंगे।

99% भारतीय निर्यातकों को टैरिफ में छूट

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस समझौते से लगभग 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात को टैरिफ में राहत मिलेगी। इसके अलावा, ब्रिटेन की कंपनियों के लिए भारत में व्हिस्की, लग्ज़री कार और अन्य सामानों का निर्यात करना भी आसान हो जाएगा।

अब ब्रिटिश संसद की मंजूरी बाकी

हालांकि समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, लेकिन इसे प्रभावी होने के लिए ब्रिटिश संसद की मंजूरी जरूरी है। यह प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक साल का समय लग सकता है।

ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर का बयान

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि यह समझौता लोगों की आय बढ़ाएगा, जीवन स्तर सुधारेगा और कामकाजी वर्ग की जेब में ज़्यादा पैसा पहुंचाएगा।यह डील नौकरियों और व्यापार दोनों के लिए फायदेमंद है। टैरिफ में कटौती के साथ व्यापार करना पहले से कहीं आसान होगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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