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Trump Tariffs Against India: US टैरिफ से घरेलू स्टील इंडस्ट्री को बचाने के लिए भारत ने उठाए कई कदम, जानें PLI स्कीम के अलावा और क्या-क्या

Trump Tariffs Against India: अमेरिका ने 12 मार्च से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) के आधार पर स्टील और एल्युमीनियम प्रोडक्ट पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू स्टील निर्माताओं की सुरक्षा और भारत के स्टील इंडस्ट्री को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाने की बात कही है।

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घरेलू स्टील निर्माताओं की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • यूएस टैरिफ पर भारत की तैयारी
  • सरकार ने उठाए कई कदम
  • स्टील इंडस्ट्री को बचाने के लिए किए कई उपाय

Trump Tariffs Against India: अमेरिका ने 12 मार्च से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) के आधार पर स्टील और एल्युमीनियम प्रोडक्ट पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू स्टील निर्माताओं की सुरक्षा और भारत के स्टील इंडस्ट्री को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाने की बात कही है। लोकसभा में एक लिखित उत्तर में इस्पात और भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा के अनुसार, सरकार पारस्परिक रूप से लाभकारी और निष्पक्ष तरीके से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखे हुए है।

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बीसीडी छूट अगले साल 31 मार्च तक जारी रहेगी

भूपतिराजू ने कहा, "चीन और वियतनाम से वेल्डेड स्टेनलेस स्टील पाइप और ट्यूब के लिए काउंटरवेलिंग ड्यूटी (सीवीडी) लागू है। केंद्रीय बजट 2024-25 में फेरो-निकेल और मोलिब्डेनम अयस्कों और कंसन्ट्रेट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) 2.5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है, जो इस्पात उद्योग के लिए कच्चा माल है।

फेरस स्क्रैप पर बीसीडी छूट अगले साल 31 मार्च तक जारी रखी गई है। कोल्ड रोल्ड ग्रेन ओरिएंटेड (सीआरजीओ) स्टील के निर्माण के लिए कच्चे माल पर छूट अगले साल 31 मार्च तक जारी रखी गई है।

PLI स्कीम का मकसद

स्पेशलिटी स्टील के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का उद्देश्य देश के भीतर 'स्पेशलिटी स्टील' की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और पूंजी निवेश को आकर्षित कर आयात को कम करना है।

सरकार के अनुसार, स्पेशलिटी स्टील के लिए पीएलआई योजना के तहत अनुमानित अतिरिक्त निवेश 27,106 करोड़ रुपये है, जिसमें स्पेशलिटी स्टील के लिए लगभग 24 मिलियन टन (एमटी) की डाउनस्ट्रीम कैपेसिटी का निर्माण शामिल है।

कार्बन स्टील, मिश्र धातु स्टील और स्टेनलेस स्टील

सरकार देश में स्टील क्षेत्र के विकास के लिए अनुकूल नीतिगत माहौल बनाकर एक सुविधाकर्ता के रूप में काम करती है। व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) कस्टम टैरिफ एक्ट, 1975 के तहत एंटी-डंपिंग जांच करता है।

डंपिंग विरोधी उपायों का मूल उद्देश्य डंपिंग के अनुचित व्यापार व्यवहार से घरेलू उद्योग को होने वाली क्षति को खत्म करना और घरेलू उद्योग के लिए समान अवसर पैदा करना है। क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर के तहत 151 भारतीय मानक अधिसूचित हैं, जिसमें कार्बन स्टील, मिश्र धातु स्टील और स्टेनलेस स्टील को कवर किया जाता है। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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