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PM Modi ने जिन 4 चीजों की खपत कम करने की अपील की, उन्हीं पर भारत ने खर्च किए 240 अरब डॉलर

PM Modi ने हैदराबाद में अपनी रैली में देश की जनता से 1 साल तक सोना ना खरीदने की अपील की है। साथ ही पेट्रोल और खाने वाले तेल का इस्तेमाल भी कम करने को कहा है।

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सिर्फ 4 चीजों ने खाली किए भारत के खजाने के 240 अरब डॉलर, जानिए क्या हैं ये वस्तुएं

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल, सोना, खाद्य तेल और रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की है। दिलचस्प बात यह है कि भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में इन्हीं चार वस्तुओं के आयात पर 240 अरब डॉलर (करीब 20 लाख करोड़ से अधिक) से ज्यादा खर्च किए, जो देश के कुल आयात बिल का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।

कच्चे तेल पर सबसे ज्यादा खर्च

ट्रेड डेटा के अनुसार भारत ने FY26 में कुल 775 अरब डॉलर का आयात किया, जिसमें केवल चार प्रमुख वस्तुओं का हिस्सा 240.7 अरब डॉलर रहा। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का था। भारत ने अकेले क्रूड ऑयल आयात पर 134.7 अरब डॉलर खर्च किए। वैश्विक तनाव के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है।

अप्रैल में भारत का औसत क्रूड बास्केट 114.48 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि पूरे FY26 में इसका औसत 70.99 डॉलर प्रति बैरल था। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने, कार-पूलिंग बढ़ाने और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की अपील की है।

सोने के आयात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

भारत में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है। FY26 में गोल्ड इम्पोर्ट बढ़कर रिकॉर्ड 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 24 प्रतिशत ज्यादा है। पीएम मोदी ने लोगों से अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने की अपील की है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ता देशों में शामिल है और बढ़ती कीमतों के बावजूद इसकी मांग में कमी नहीं आ रही है।

India spent 240 billion Dollars

India spent 240 billion Dollars

खाद्य तेल और उर्वरकों पर भी बढ़ा दबाव

देश ने FY26 में वनस्पति तेलों के आयात पर 19.5 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि उर्वरकों का आयात 77 प्रतिशत बढ़कर 14.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया। प्रधानमंत्री ने लोगों से खाद्य तेल का सीमित उपयोग करने और किसानों से रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल 50 प्रतिशत तक कम करने की अपील की है। उन्होंने किसानों को डीजल पंप की जगह सोलर पंप अपनाने की सलाह भी दी, ताकि ईंधन पर निर्भरता घटाई जा सके।

पांच साल में दोगुना हुआ आयात खर्च

आंकड़ों के अनुसार इन चार वस्तुओं का संयुक्त आयात बिल FY21 के 112 अरब डॉलर से बढ़कर FY26 में 240.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यानी केवल पांच वर्षों में यह खर्च दोगुने से भी ज्यादा हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग ईंधन, सोना और अन्य आयातित वस्तुओं की खपत में थोड़ी भी कमी लाते हैं, तो इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और व्यापार घाटे पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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