IPO Listing In India: भारत 2024 की तीसरी तिमाही में कुल लिस्टिंग में 36 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के साथ बाजार पर हावी रहा। भारत 13 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अमेरिका से आगे निकल गया। मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ईवाई इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार का शानदार प्रदर्शन इस साल अब तक के आईपीओ रिटर्न से और अधिक स्पष्ट होता है, जो बीएसई सेंसेक्स के 14.9 प्रतिशत रिटर्न से काफी बेहतर है।
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27 IPO आए
2024 की तीसरी तिमाही में भारतीय मुख्य बाजार में 27 आईपीओ आए, जबकि पिछली तिमाही में 13 आईपीओ आए थे। 2024 की तीसरी तिमाही में मुख्य बाजारों से जुटाई गई रकम 4.285 अरब डॉलर थी, जबकि 2024 की दूसरी तिमाही में यह 1.992 अरब डॉलर थी।
यह सौदों की संख्या में 108% की वृद्धि के साथ जुटाई गई आय में 115 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
एसएमई सेगमेंट के IPO
एसएमई (स्मॉल एंड मीडियम साइज्ड एंटरप्राइजेज) सेगमेंट ने 2024 की तीसरी तिमाही के दौरान 84 आईपीओ के जरिए 398 मिलियन डॉलर जुटाए, जबकि 2023 की दूसरी तिमाही के लिए यह आंकड़ा 60 आईपीओ के माध्यम से 208 मिलियन डॉलर था।
इससे पता चलता है कि भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों ने दो दशकों में अपनी उच्चतम तिमाही लिस्टिंग हासिल की है, जिससे आईपीओ एक्टिविटी में ग्लोबल लीडर के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हुई है।
पूंजी बाजारों की बढ़ती मैच्योरिटी
ईवाई इंडिया के इंडिया मार्केट लीडर प्रशांत सिंघल ने कहा भारत के आईपीओ बाजार में यह तेज गति हमारे पूंजी बाजारों की बढ़ती परिपक्वता और निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दिखाती है। हम घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों दोनों की मजबूत भागीदारी देखना जारी रखते हैं।
भारत पब्लिक होने की इच्छा रखने वाली कंपनियों के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है।
ब्याज दरें 6.2 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद
प्रमुख और स्मॉल एंड मीडियम साइज्ड एंटरप्राइजेज बाजार में कंज्यूमर रिटेल प्रोडक्ट्स, अलग-अलग इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स, रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और कंस्ट्रक्शन सेक्टर आईपीओ एक्टिविटी को लीड कर रहे हैं।
फेवरेबल मैक्रो एनवायरनमेंट ने आईपीओ एक्टिविटी के लिए मजबूत अनुकूल परिस्थितियां पैदा की हैं, जिससे 2025 तक ब्याज दरें 6.2 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है और मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत तक कम होने का अनुमान है।
इसके अलावा, फाइलिंग में वृद्धि और सेकेंडरी बाजार के मजबूत प्रदर्शन से भारत के आईपीओ बाजार में निरंतर गति का संकेत मिलता है। (इनपुट - आईएएनएस)
