India New Zealand FTA Talk: भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत का तीसरा दौर क्वीन्सटाउन में पूरा हुआ। यह वार्ता भारत के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे आने वाले समय में भारतीय कारोबारियों और निवेशकों को बड़े फायदे मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की साझा दृष्टि से प्रेरित इस वार्ता का मकसद ऐसा समझौता करना है, जो दोनों देशों के लिए संतुलित और लाभकारी हो। भारत की ओर से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। 15 से 19 सितंबर तक हुई बातचीत में कृषि, सेवाएं, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। कई अध्याय पूरे कर लिए गए हैं और बाकी हिस्सों पर भी तेजी से काम चल रहा है।
भारत के लिए यह समझौता इसलिए खास है, क्योंकि न्यूज़ीलैंड के साथ कारोबार पहले ही तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों का व्यापार 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 49% ज्यादा है। एफटीए लागू होने के बाद भारत के निर्यातकों को नए बाजार, किसानों को बेहतर दाम और कारोबारियों को निवेश के और मौके मिल सकते हैं। साथ ही यह समझौता आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर भारत के वैश्विक व्यापार में विश्वसनीयता भी बढ़ाएगा।
अगला दौर 13-14 अक्टूबर को नई दिल्ली में होना है। उम्मीद जताई जा रही है कि वहां कई अहम मुद्दों पर सहमति बन जाएगी और समझौते की राह और आसान होगी। भारतीय उद्योग जगत पहले ही इस एफटीए को लेकर उत्साहित है, क्योंकि इससे न सिर्फ व्यापार बढ़ेगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी खुलेंगे।
