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India-New Zealand FTA Deal: ब्रिटेन के बाद भारत के साथ ये देश भी करने जा रहा है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

दूसरे राउंड की बातचीत में सामान और सेवाओं के व्यापार, निवेश, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, तकनीकी नियम व व्यापार से जुड़ी सुविधाएं, और कृषि व स्वास्थ्य संबंधी मानकों जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने एक संतुलित और भविष्य-उन्मुख समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई है, जिसके लिए सितंबर तक कई वर्चुअल बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।

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Trade Deal (Pic Credit: iStock)

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India-New Zealand FTA Deal: भारत और यूके के बीच FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) के बाद अब भारत और न्यूजीलैंड के बीच भी एक बड़ा ट्रेड समझौता होने जा रहा है। दोनों देश इस समझौते पर काम कर रहे हैं और इसकी अगली बैठक सितंबर 2025 में न्यूजीलैंड में होगी। दूसरे राउंड की बातचीत 25 जुलाई 2025 को दिल्ली में खत्म हुई, जबकि पहला राउंड मई 2025 में हुआ था। इस समझौते की शुरुआत इसी साल 16 मार्च को हुई थी।

किन क्षेत्रों में बातचीत हुई?

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, दूसरे राउंड की बातचीत में सामान और सेवाओं के व्यापार, निवेश, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, तकनीकी नियम व व्यापार से जुड़ी सुविधाएं, और कृषि व स्वास्थ्य संबंधी मानकों जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने एक संतुलित और भविष्य-उन्मुख समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई है, जिसके लिए सितंबर तक कई वर्चुअल बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।

भारत-न्यूजीलैंड व्यापार कितना है?

वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर (लगभग ₹10,800 करोड़) का रहा, जो पिछले साल से करीब 48% ज्यादा है। भारत न्यूजीलैंड को ये चीजें भेजता है:

  • दवाइयां
  • ऑटो पार्ट्स
  • मशीनें
  • कपड़े
  • बासमती चावल
वहीं न्यूजीलैंड से भारत को मिलती हैं:
  • ऊन
  • डेयरी प्रोडक्ट
  • सेब, कीवी
  • मांस
  • कोयला और लकड़ी

इस समझौते से क्या फायदा होगा?

यह समझौता व्यापार को बढ़ावा देगा और निवेश के नए रास्ते खोलेगा। इससे कंपनियों को बड़ा और भरोसेमंद बाजार मिलेगा, सप्लाई चेन मजबूत होगी और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा पहुंचेगा। न्यूजीलैंड भारत के लिए एक अहम साझेदार बन सकता है, क्योंकि वह प्रशांत क्षेत्र का एक मजबूत देश है और वहां प्रति व्यक्ति आयात बहुत ज्यादा है जो भारतीय कंपनियों के लिए नए और बड़े अवसर लेकर आता है।

भारत का ग्लोबल नेटवर्क हो रहा है मजबूत

भारत ने हाल ही में यूके और यूएई जैसे देशों से बड़े व्यापार समझौते किए हैं। अब न्यूजीलैंड के साथ होने वाला ये FTA भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में और मजबूत बनाएगा। न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था भले छोटी हो, लेकिन वह स्थिर है। भारत वहां कृषि, एयरोस्पेस और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में अच्छा व्यापार कर सकता है।

मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस दिशा में मिलकर काम करने का फैसला किया था। अब दोनों देश चाहते हैं कि यह समझौता जल्द हो जाए।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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