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देश की ग्रोथ में चाहिए सुपरस्पीड... तो हर साल 40 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रा निवेश की जरुरत

Indian Economic Growth: भारत को 9% की सतत आर्थिक वृद्धि दर पाने के लिए बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में सालाना निवेश दोगुना कर 40 लाख करोड़ रुपये करना होगा। इसके साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी निवेश बढ़ाना जरूरी है।

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भारत को 9% विकास दर हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश दोगुना कर ₹40 लाख करोड़ करना होगा: नैबफिड

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Indian Economic Growth : भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और लंबे समय तक उच्च आर्थिक वृद्धि दर बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्रों में निवेश की गति को काफी तेजी से बढ़ाना होगा। नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) के प्रबंध निदेशक राजकिरण राय जी ने एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। उनके अनुसार, देश को 9 प्रतिशत की सतत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचा निवेश को दोगुना करने की सख्त जरुरत है।

सालाना निवेश 40 लाख करोड़ रुपये करने की जरुरत

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक फिलहाल भारत में बुनियादी ढांचे के विकास पर हर साल करीब 20 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। हालांकि, नैबफिड के आकलन के मुताबिक, आने वाले 20 वर्षों में इस क्षेत्र को कुल 800 लाख करोड़ रुपये के विशाल निवेश की दरकार होगी। इसका सीधा मतलब है कि देश को हर साल औसतन 40 लाख करोड़ रुपये का निवेश करना होगा। नैबफिड एक विकास वित्त संस्थान (DFI) है, जिसकी स्थापना देश में सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और बिजली जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा क्षेत्रों को लॉन्ग टर्म फाइनेंसिंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।

सर्विस सेक्टर के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

राजकिरण राय जी ने फिक्की और भारतीय बैंक संघ (IBA) के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि केवल बुनियादी ढांचे में ही नहीं, बल्कि विनिर्माण क्षेत्र में भी पूंजीगत निवेश को बड़े पैमाने पर बढ़ाना होगा। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत की विकास यात्रा की एक अनोखी बात यह रही है कि देश ने विनिर्माण क्षेत्र का पूर्ण विकास होने से पहले ही सेवा क्षेत्र (Service Sector) में अभूतपूर्व प्रगति हासिल कर ली। सेवा क्षेत्र ने देश की अर्थव्यवस्था को करीब 4 ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई है। लेकिन अब यदि भारत को टिकाऊ और मजबूत विकास दर चाहिए, तो विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ाना अनिवार्य है।

पीएलआई योजना से मिली मदद

सरकार की ओर से शुरू की गई उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना और अन्य नीतियों ने विनिर्माण क्षेत्र को गति दी है, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रयासों को और तेज करना होगा। नैबफिड का मानना है कि विनिर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों ही क्षेत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। जब तक बुनियादी ढांचा मजबूत नहीं होगा, तब तक विनिर्माण क्षेत्र की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसलिए, 9 प्रतिशत की सालाना जीडीपी वृद्धि दर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्तमान निवेश के स्तर को जल्द से जल्द दोगुना करना होगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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