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ऑर्गेनिक फूड का बास्केट बन सकता है भारत, कृषि सेक्टर में बदलाव की जरुरत, स्वतंत्रता दिवस पर बोले पीएम मोदी

78th Independence Day: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में ऑर्गेनिक फूड की डिमांड बढ़ रही है भारत इसका बास्केट बन सकता है इसलिए कृषि सेक्टर में बदलाव की जरुरत है।

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पीएम मोदी ने दिया खेती-किसानी मेंं बदलाव पर जोर

78th Independence Day: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पिछले अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान उठाए गए कदमों और प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में ऑर्गेनिक फूड की डिमांड है इसलिए कृषि सेक्टर में बदलाव की जरुरत है। साथ ही कहा कि सरकार किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है।

मिट्टी की सेहत में गिरावट चिंता का विषय

पीएम मोदी ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत में आ रही गिरावट पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम शुरू किए हैं और इस तरह की खेती के लिए बजट आवंटन भी बढ़ाया गया है।

कृषि सिस्टम में बदलाव की जरुरत

मोदी ने भरोसा जताया कि भारत दुनिया का जैविक खाद्यान्न उत्पादक बन सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी कृषि सिस्टम में बदलाव लाना बहुत जरूरी है। यह समय की मांग है।

ऑर्गेनिक फूड का बास्केट बन सकता है भारत

पीएम कहा कि इस बार बजट में हमने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बहुत बड़ी योजनाओं के साथ बहुत बड़ा प्रावधान किया है। आज विश्व के लिए ऑर्गेनिक फूड का अगर कोई फूड बास्केट बन सकता है, तो वो मेरा देश बन सकता है, जिसे हमारे किसान बना सकते हैं।

आधुनिक खेती के लिए हर संभव मदद

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों को आधुनिक पद्धतियां अपनाने के लिए हरसंभव मदद दे रही है। उन्होंने ड्रोन खरीदने के लिए आसान लोन को भी ऐसा ही एक उपाय बताया। हमारी कृषि व्यवस्था को ट्रांसफॉर्म करना समय की मांग है और ये बहुत जरूरी भी है। हमारे किसानों को इसके लिए हम मदद भी दे रहे हैं। किसानों को आसान लोन दे रहे हैं, टेक्नोलॉजी की मदद दे रहे हैं, किसान जो पैदावार करता है उसके value addition का काम भी हम कर रहे हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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