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स्मार्ट वॉच,हेड फोन,ब्लूटूथ बाजार पर भारतीयों का कब्जा,चीन-अमेरिका पस्त

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jul 3, 2023, 03:07 PM IST

India Become Global Leader In Wearable Market: भारत में अब स्मार्टफोन की तरह स्मार्ट वॉच बिकने लगी है। आलम यह है कि दुनिया में बिकने वाला हर चौथा वियरेबल डिवाइस भारतीय खरीदेंगे। वियरेबल मार्केट पर अभी तक अमेरिका और चीन का ही दबदबा रहा है।

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भारत में तेजी से बढ़ रहा है वियरेबल बाजार

Photo : iStock

India Become Global Leader In Wearable Market:स्मार्ट वॉच, हेड फोन, ब्लूटूथ डिवाइस की खरीदारी में भारतीयों ने अमेरिका और चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। भारतीयों की खरीदारी का आलम यह है कि स्मार्टफोन की तरह अब स्मार्ट वॉच बिकने लगी है। आलम यह है कि दुनिया में बिकने वाला हर चौथा वियरेबल डिवाइस भारतीय खरीदेंगे। वियरेबल मार्केट पर अभी तक अमेरिका और चीन का ही दबदबा रहा है। लेकिन अब इस बाजार पर भारत राज करेगा। एक अनुमान के अनुसार भारत में 13-13.5 करोड़ वियरेबल की बिक्री 2023 में होगी। जो कि पूरी दुनिया की बिक्री का 26 फीसदी हिस्सा होगा।

चीन और अमेरिका का बाजार सुस्त

ईटी ने IDC की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि साल 2023 के अंत तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा वियरेबल बाजार बन जाएगा। खास तौर पर जब उत्तरी अमेरिका और चीन का बाजार सेचुरेट हो गया है और वहां इकोनॉमी में सुस्ती का असर दिख रहा है। रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 में दुनिया भर में 50 करोड़ यूनिटी की मांग रहने का अनुमान है। इसमें से अकेले 13 से 13.5 करोड़ वियरेबल डिवाइस भारत में बिकेंगे। पिछले साल भारत में 10 करोड़ वियरेबल डिवाइस की बिक्री हुई थी।

भारत में इस रेंज के उत्पादों की ज्यादा मांग

रिपोर्ट के अनुसार मार्केट साइज के आधार पर भारत पहले से ही अमेरिका और चीन से बड़ा बाजार बन चुका है। और ग्राहकों की जरूरत के अनुसार प्रोडक्ट की रेंज के कारण भारतीय बाजार आने वाले समय में भी लीड करेगा। भारतीय बाजार में कम कीमत वाले वियरेबल प्रोडक्ट की ज्यादा डिमांड है। जबकि चीन और अमेरिका में प्रीमियम प्रोडक्ट की डिमांड ज्यादा है। लेकिन इकोनॉमी में सु्स्ती के कारण चीन और अमेरिका में वियरेबल प्रोडक्ट की डिमांड गिर गई है। ऐसे में भारतीय बाजार ही ग्रोथ मोमेंटम को बनाए रखेगा। रिपोर्ट में इस बात का भी अनुमान लगाया गया है कि भारतीय बाजार में पोंटेशियल को दिखते हुए कंपनियां सस्ते प्रोडक्ट पर फोकस करेंगी। और इसकी वजह से वियरेबल बाजार में तेजी बनी रहेगी।

प्रशांत श्रीवास्तव
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करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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