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India fiscal deficit: भारत का राजकोषीय घाटा अप्रैल-अक्टूबर में वित्त वर्ष 25 के टारगेट के 46.5% पर पहुंचा

India fiscal deficit: अप्रैल से अक्टूबर की अवधि के दौरान व्यय और राजस्व के बीच का अंतर 7.5 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए कुल सीमा 16.85 लाख करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। पिछले साल इसी अवधि में सरकार का राजकोषीय घाटा 8.03 लाख करोड़ रुपये था।

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राजकोषीय घाटा।

Photo : iStock

India fiscal deficit: मार्च 2025 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के पहले सात महीनों के अंत में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा बजटीय लक्ष्य के 46.5% तक पहुंच गया है। शुक्रवार को महालेखा नियंत्रक द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर की अवधि के दौरान व्यय और राजस्व के बीच का अंतर 7.5 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए कुल सीमा 16.85 लाख करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। पिछले साल इसी अवधि में सरकार का राजकोषीय घाटा 8.03 लाख करोड़ रुपये था।

केंद्र सरकार ने राजकोषीय समेकन के मार्ग पर आगे बढ़ने की अपनी रणनीति के तहत मार्च 2025 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद का 4.9% निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष के घाटे के लक्ष्य से बेहतर है, जिसे सकल घरेलू उत्पाद का 5.6% निर्धारित किया गया था।

इस साल की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लाभांश भुगतान और पूंजीगत व्यय में कटौती से राजकोषीय घाटे को सहारा मिला। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024 के लिए केंद्र सरकार को लाभांश के रूप में 2.1 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो अब तक का सबसे अधिक अधिशेष है।

वित्त वर्ष 2024-25 के पहले सात महीनों में कुल प्राप्तियां 17.2 लाख करोड़ रुपये रहीं, जो वित्त वर्ष के लक्ष्य का 53.7% है। चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में शुद्ध कर प्राप्तियां 13.04 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गईं, जो राजकोषीय लक्ष्य का 50.5% है। आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले साल इसी अवधि के दौरान एकत्र किए गए 13.01 लाख करोड़ रुपये के समान था।

इस अवधि में कुल सरकारी व्यय 24.73 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वार्षिक लक्ष्य का लगभग 51.3% है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कुल व्यय 23.94 लाख करोड़ रुपये था।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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