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भारत एक सोई हुई ताकत, पूरी तरह जाग गया तो..., दावोस में ऐसा क्यों बोले चंद्रबाबू नायडू

Davos WEF: वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भारत की आर्थिक वृद्धि और निवेश संभावनाओं की सराहना की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भारत पहले ही चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2048 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू (तस्वीर-x)

Davos WEF: स्विट्जरलैंड के दावोस में सोमवार को विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान भारत की आर्थिक ताकत और निवेश संभावनाओं की जमकर सराहना हुई। वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के साथ 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने एक सुर में कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था है और आने वाले वर्षों में दुनिया में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। अलग-अलग राजनीतिक दलों से होने के बावजूद भारतीय नेताओं ने वैश्विक मंच पर देश की एकजुट और सकारात्मक छवि पेश की।

भारत दुनिया की टॉप अर्थव्यवस्थाओं में

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भारत पहले ही दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उनका कहना था कि अगले दो-तीन वर्षों में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि 2048 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। ‘इंडिया पैवेलियन’ के उद्घाटन के दौरान नायडू ने कहा कि भारत एक सोई हुई ताकत है। अगर हम पूरी तरह जाग गए तो 2047 तक दुनिया में नंबर एक भी बन सकते हैं। उनके इस बयान को वहां मौजूद निवेशकों और प्रतिनिधियों ने गंभीरता से सुना।

पूर्वोत्तर से विकास की नई कहानी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि उनका राज्य केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति से बहुत लाभ उठा रहा है। उन्होंने बताया कि असम देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। शर्मा ने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि असम का समय आ गया है। निवेशकों को राज्य के विकास का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहली बार दावोस आए हैं और उन्हें लगता है कि उन्हें यहां पहले ही आ जाना चाहिए था।

सभी राज्यों का साझा लक्ष्य- विकसित भारत

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पारंपरिक अभिवादन ‘जोहार’ के साथ सभी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा। इंडिया पैवेलियन के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्र सरकार के कई मंत्री और 10 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह दावोस में भारत का अब तक का सबसे बड़ा और विविध राजनीतिक प्रतिनिधित्व माना जा रहा है।

वैश्विक मंदी में भी भारत की तेज रफ्तार

केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि जब दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं धीमी हो रही थीं, तब भारत ने तेजी पकड़ी। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है। जोशी ने कहा कि जब कोई राज्य आगे बढ़ता है तो पूरा देश आगे बढ़ता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की विकास गाथा को पूरी दुनिया तक पहुंचाना चाहिए।

नागर विमानन से लेकर उद्योग तक प्रगति

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार के प्रयासों से भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है। उड़ान सेवाओं के लोकतांत्रीकरण से आम लोगों को भी हवाई यात्रा का लाभ मिला है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि वे भी पहली बार दावोस आए हैं और यहां राज्यों द्वारा किए जा रहे प्रयासों से प्रभावित हैं।

राज्यों की अलग-अलग ताकत, एक ही संदेश

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी ने कई क्षेत्रों में तेज विकास किया है। केरल के मंत्री पी राजीव ने बताया कि पिछले साल वे केवल राज्य की क्षमताएं दिखाने आए थे, लेकिन कई निवेश प्रस्ताव लेकर लौटे। अब उनमें से कई प्रस्ताव हकीकत में बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि केरल 24 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान देकर निवेश को बढ़ावा दे रहा है। तेलंगाना के मंत्री डी श्रीधर बाबू ने कहा कि उनकी सरकार राज्य को 3,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है।

दुनिया को साफ संदेश

कर्नाटक के मंत्री एम बी पाटिल ने कहा कि दावोस में भारत की बड़ी और मजबूत मौजूदगी दुनिया को साफ संदेश देती है कि भारत केवल वैश्विक विकास में भाग नहीं ले रहा, बल्कि उसे गति भी दे रहा है। कुल मिलाकर, दावोस में भारत ने यह साबित किया कि देश निवेश के लिए तैयार है, एकजुट है और भविष्य को लेकर आत्मविश्वास से भरा हुआ है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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