इनकम टैक्स

Income Tax: इनकम टैक्स विभाग ने विवाद से विश्वास स्कीम का जारी किया FAQ, जानें क्या होगा फायदा

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 16, 2024, 12:34 PM IST

Income Tax: विवाद से विश्वास' योजना का लाभ वे करदाता उठा सकते हैं, जिनके विवाद/अपील 22 जुलाई, 2024 तक उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों, आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, आयुक्त/ संयुक्त आयुक्त (अपील) के समक्ष लंबित हैं।

Image

विवाद से विश्वास स्कीम

Photo : iStock

Income Tax: आयकर विभाग ने प्रत्यक्ष कर से संबंधित 'विवाद से विश्वास' योजना 2024 के बारे में FAQ जारी किया है। अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (एफएक्यू) के रूप में जारी इस पत्र में विवाद समाधान योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र संस्था और भुगतान किए जाने वाले करों से संबंधित विभिन्न सवालों के जवाब दिए गए हैं।आयकर विभाग ने कहा कि उसे इस योजना के एक अक्टूबर, 2024 को प्रभावी रूप से अधिसूचित होने के बाद विभिन्न प्रावधानों के संबंध में मार्गदर्शन मांगने वाले हितधारकों से कई सवाल मिले हैं। योजना की समाप्ति तिथि अभी अधिसूचित नहीं की गई है।

क्या है विवाद से विश्वास स्कीम

'विवाद से विश्वास' योजना का लाभ वे करदाता उठा सकते हैं, जिनके विवाद/अपील 22 जुलाई, 2024 तक उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों, आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, आयुक्त/ संयुक्त आयुक्त (अपील) के समक्ष लंबित हैं। इनमें रिट और विशेष अनुमति याचिकाएं (अपील) शामिल हैं, चाहे वे करदाता या कर अधिकारियों द्वारा दायर की गई हों।योजना में विवाद समाधान पैनल (डीआरपी) के समक्ष लंबित मामले और आयकर आयुक्त के समक्ष लंबित पुननिरीक्षण याचिकाएं भी शामिल होंगी।

कौन उठा सकता है फायदा

कोई भी व्यक्ति जिसका इनकम टैक्स को लेकर कोई भी मामला पेंडिंग पड़ा है, वो इस योजना का फायदा उठा सकता है। ध्यान रहे, ऐसे लोग जिन पर विदेशों में अघोषित आय जैसे टैक्स के गंभीर मामले चल रहे हैं, वह इस योजना का फायदा नहीं उठा सकते हैं। CBDT ने फाइनेंस नंबर 2 एक्ट के तहत इस योजना की शुरुआत की है। विवाद से विश्वास योजना के लिए 4 अलग-अलग फॉर्म दिए गए हैं।

जानें क्या है फायदा

यदि करदाता योजना का लाभ उठाने के लिए 31 दिसंबर, 2024 से पहले घोषणा दाखिल करते हैं, तो उन्हें विवादित कर मांग का 100 प्रतिशत भुगतान करना होगा। ऐसे मामलों में ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा।हालांकि ऐसे मामलों में जहां घोषणा एक जनवरी, 2025 को या उसके बाद की जाती है, विवादित कर मांग का 110 प्रतिशत करदाता को चुकाना होगा।

End of Article