Income Tax Saving Options in Health Insurance: अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरूआत हो रही है। और उस दौरान आपको नए टैक्स रिजीम और पुराने टैक्स रिजीम चुनने का विकल्प मिलेगा। ऐसे में अगर आप पुराने टैक्स रिजीम का विकल्प चुनते हैं तो मेडिकल इंश्योरेंस टैक्स बचाने का एक अच्छा जरिया बन सकता है। इसके तहत आप 25 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की टैक्स छूट ले सकते हैं। इनकम टैक्स सेक्शन 80 D के तहत किसी व्यक्ति को अपने, पत्नी, बच्चों और माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर होने वाले खर्च पर टैक्स छूट की सुविधा मिलती है।
क्या है नियम
इनकम टैक्स के सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के पेमेंट पर टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। इसके तहत आयकर दाता की उम्र 60 से कम है तो वह 25,000 रुपये तक के हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर टैक्स छूट का दावा कर सकता है। इस प्रीमियम में आयकरदाता का खुद का, पत्नी और बच्चों का प्रीमियम कवर हो जाता है।
वही यदि आयकरदाता अपने माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भी भुगतान कर रहा है, और उनकी उम्र 60 वर्ष से कम है, तो वह माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भुगतान के लिए 25,000 रुपये का अतिरिक्त टैक्स छूट का दावा भी कर सकता है। इस तरह वह कुल 50 हजार रुपये तक टैक्स छूट का फायदा ले सकता है।
| नियम | प्रीमियम पर इनकम टैक्स छूट (रुपये) |
| 60 साल से कम | 25,000 |
| माता-पिता और आयकर दाता की उम्र 60 साल से कम | 50,000 |
| आयकर दाता की उम्र 60 साल से कम, माता-पिता की 60 साल से ज्यादा | 75,000 |
इसी तरह अगर माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं तो प्रीमियम पर 50,000 की अतिरिक्त छूट लेने का प्रावधान है। अगर आयकरदाता और उसके माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं, तो टैक्स छूट की कुल सीमा एक लाख रुपये तक हो जाती है। लेकिन इसके लिए प्रीमियम का भुगतान किसी एक व्यक्ति को ही करना होता है। तभी क्लेम लिया जा सकता है।
वहीं अगर माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं और आयकरदाता की उम्र 60 साल से कम है तो 75 हजार रुपये तक के प्रीमियम पर टैक्स छूट ली जा सकती है।
हालांकि मेडिकल इंश्योरेंस में टैक्स छूट का फायदा पुरानी टैक्स व्यवस्था में ही मिलता है। नई टैक्स व्यवस्था में सरकार ने 80 C, 80 D सहित दूसरी टैक्स छूट की सुविधा खत्म कर कर दी है।
