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Income Tax Saving Last Date: वित्तीय वर्ष 2023-24 में टैक्स बचाने की आखिरी तारीख 31 मार्च, जानें क्या करें

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 30, 2024, 06:34 PM IST

Income Tax Saving Last Date: वित्तीय वर्ष 2023-24 में टैक्स बचाना चाहते हैं तो आपके लिए यह आखिरी मौका है। 31 मार्च आखिरी दिन है। इसलिए आप जल्दी-जल्दी यहां बताए गए निवेश साधनों में निवेश कर टैक्स बचा सकते हैं।

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इनकम टैक्स बचाने का आखिरी मौका (तस्वीर-Canva)

Income Tax Saving Last Date: वित्तीय वर्ष 2023-24, 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। टैक्सपेयर्स के पास वित्तीय वर्ष के लिए अपना टैक्स बचाने का आखिरी मौका है। निवेश सलाहकारों और टैक्सपेयर्स के लिए व्यस्त समय है क्योंकि हम 31 मार्च इस वित्त वर्ष का आखिरी दिन है। यह टाइम बचत निवेशों में धन निवेश करने का है। जिससे टैक्स बचत होगी। इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत पीपीएफ, एलआईसी प्रीमियम, सावधि जमा, ईएलएसएस, यूलिप, एनएससी इत्यादि जैसे निवेश साधनों में धन निवेश करके टैक्स बचाने के लिए कुछ रास्ते मिलते हैं। हालांकि निवेश करते समय, किसी को समग्र और लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और निवेश पर रिटर्न, लॉक-इन अवधि, भविष्य के वर्षों के लिए भुगतान की पारस्परिकता, न्यूनतम निवेश की जरूरत, मैच्योरिटी पर टैक्स प्रभाव और के मानदंडों पर सर्वोत्तम निवेश का निर्धारण करना चाहिए। भविष्य के लिए योजनाएं पहले की बनानी चाहिए। पीपीएफ अच्छा रिटर्न देता है जो टैक्स फ्री भी है लेकिन टैक्सपेयर्स को सालाना 500 रुपए का योगदान करना पड़ता है और इसमें 15 साल का लॉक-इन होता है। इसी तरह टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट कम ब्याज दर प्रदान करती है और इसमें करीब 5 वर्षों के लिए लॉक-इन होता है।

इस प्रकार किसी को सही विकल्प चुनने और अपने लाभ को बढ़ाने के लिए किसी निवेश साधन के सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए। टैक्सपेयर्स को टैक्स बचत को अधिकतम करने के लिए निम्नलिखित गलतियों से बचना चहिए।

सेक्शन 80सी की अनदेखी

इनकम टैक्स की धारा 80सी ELSS (इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम), पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड), एनएससी (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) आदि जैसे टैक्स सेविंग निवेश के लिए ऑप्शन देते हैं। कई टैक्सपेयर्स इसका इस्तेमाल करने में विफल रहते हैं। सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपए की पूरी सीमा उपलब्ध है। इस सेक्शन के तहत टैक्स सेविंग को अधिकतम करने के लिए सभी विकल्पों का मूल्यांकन करें और बुद्धिमानी से निवेश करें।

इनकंप्लीट डॉक्युमेंट्स

सुनिश्चित करें कि टैक्स सेविंग निवेश के लिए सभी जरुरी दस्तावेज मौजूद हों। इसमें निवेश रसीदें, प्रीमियम भुगतान सर्टिफिकेट, लोन सर्टिफिकेट आदि शामिल हैं। अधूरे दस्तावेज के कारण टैक्स कटौती अयोग्य हो सकती है। अपने निवेश और कटौतियों का रिकॉर्ड रखें। आईटी विभाग आपकी टैक्स फाइलिंग को वेरिफाई करने के लिए दस्तावेज मांग सकता है।

टैक्स प्लानिंग इंस्ट्रूमेंट्स की अनदेखी

सेक्शन 80सी के अलावा अन्य सेक्शन हैं जैसे 80D (स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए), 80E (एजुकेशन लोन ब्याज के लिए) और 80G (निर्दिष्ट फंड के लिए दान) जो टैक्स लाभ प्रदान करती हैं। इन तरीकों को नजरअंदाज करने से टैक्स बचाने के मौके चूक सकते हैं।

लॉन्ग टर्म लक्ष्यों पर विचार नहीं करना

टैक्स सेविंग निवेश आपके लॉन्ग टर्म वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप होना चाहिए। अपने वित्तीय उद्देश्यों के साथ उनकी सूटेबिलिटी और अलाइमेंट पर विचार किए बिना केवल टैक्स सेविंग उद्देश्यों के लिए निवेश करने से बचें।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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