नए इनकम टैक्स रिजीम शुरू होने के बाद से टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट स्कीम की चर्चा कम हो गई है। ऐसा इसलिए कि नए इनकम टैक्स सिस्टम में ज्यादातर डिडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव खत्म हो गए हैं। हालांकि, आज भी बहुत सारे टैक्सपेयर्स ओल्ड टैक्स रिजीम को अपना रखें हैं। इसकी वजह यह है कि उनको निवेश पर मिलने वाला रिटर्न और टैक्स छूट ज्यादा बचत कर रहा है। अगर आप भी पुराने टैक्स रिजीम के अनुसार, इकनम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो आपके पास भी टैक्स सेविंग के लिए अब करीब 1 महीने का ही समय बचा है। बता दें कि आप 31 मार्च तक निवेश कर टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं। आज हम आपको बेस्ट टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के बारे में बता रहे हैं। इनमें आप निवेश कर टैक्स छूट के साथ तगड़ा रिटर्न भी प्राप्त कर सकते हैं।
आयकर की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक बचत के लिए टैक्स सेविंग विकल्प—
1. इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS)
म्यूचुअल फंड हाउस यह स्कीम उपपलब्ध करातीहै। ELSS में आप सिप या एकमुश्त निवेश कर टैक्स छूट प्राप्त कर सकत हैं। एक वित्त वर्ष में 1.50 लाख रुपये तक निवेश कर टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं। इसमें सबसे कम 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। हालांकि, शेयर बाजार से जुड़ा होने के कारण रिटर्न ऊपर-नीचे हो सकता है।
2. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड, सरकार द्वारा समर्थित सुरक्षित निवेश स्कीम है। इसमें 15 साल का लॉक-इन पीरियड है। मौजूदा समय में इस पर 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। इस स्कीम में ब्याज और मैच्योरिटी राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री (EEE श्रेणी) होती है।
3. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
यह भी सरकारी गारंटीड स्कीम हैं। इसमें निवेश की अवधि 5 साल है। निवेशकों केा गारंटीड रिटर्न मिलता है। मौजूदा समय में इस स्कीम पर 7.7% की दर से सालाना ब्याज मिल रहा है।
4. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
बेटी के नाम पर एक वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपये निवेश कर टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं। अभी इस पर 8.2% की दर से सालाना ब्याज मिल रहा है। रिटर्न पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक सुरक्षित विकल्प है।
5. टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
आप किसी भी बैंक में 5 साल की एफडी में निवेश कर इनकम टैक्स में छूट प्राप्त कर सकते हैं। एक वित्त वर्ष में 1.50 लाख रुपये निवेश कर यह टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हें। रिटर्न गारंटीड, लेकिन ब्याज पर टैक्स लगता है।
6. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)
सैलरीड कर्मचारियों के लिए EPF में निवेश अनिवार्य है। इसमें कर्मचारी का योगदान सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट के प्रात्र होते हैं।
80CCD और 80D के तहत बचत
1. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
सेक्शन 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 तक अतिरिक्त टैक्स छूट आप प्राप्त कर सकते हैं।
2. हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम
सेक्शन 80D के तहत खुद और परिवार के लिए प्रीमियम पर टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि सिर्फ टैक्स छूट के आधार पर इन्वेस्टमेंट का मूल्यांकन करना सही नहीं है। कई पुराने निवेश माध्यम लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दिलाने के साथ जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। इसलिए पीपीएफ, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना जैसे कुछ निवेश माध्यम में पैसा निवेश करते रहना चाहिए।
