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Foreign Tourist : विदेशी पर्यटकों से आमदनी 23 फीसदी बढ़ी, लेकिन बांग्लादेश और चीन से मिला झटका, जानें कैसे

Foreign Tourist In India And Income: पर्यटकों से विदेशी मुद्रा आमदनी 2019 की पहली छमाही की तुलना में 2024 में 23 प्रतिशत बढ़ी है। हालांकि अभी भी भारत में आने वाले पर्यटकों की संख्या कोविड-19 महामारी से पूर्व के स्तर तक अभी भी नहीं पहुंच पाई है।

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पर्यटकों से विदेशी आय

Foreign Tourist In India And Income:भारत में आने वाले पर्यटकों की संख्या कोविड-19 महामारी से पूर्व के स्तर तक अभी भी नहीं पहुंच पाई है। भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या में कोविड-19 महामारी के बाद का सुधार वैश्विक रुझान से पीछे है। कैलेंडर साल 2024 की पहली छमाही में देश में एफटीए 47.8 लाख रहा है, जो कैलेंडर वर्ष 2019 की पहली छमाही का लगभग 90 प्रतिशत है।रिपोर्ट के अनुसार, इसकी तुलना में वैश्विक स्तर पर, 2024 के पहले सात महीनों में एफटीए 2019 के कोविड-पूर्व स्तर के 96 प्रतिशत पर था। इसका अर्थ है कि भारत इस मामले में पीछे है। हालांकि इस दौरान जब जब विदेशी मुद्रा आय की बात आती है तो तस्वीर बेहतर है। विदेशी मुद्रा आमदनी 2019 की पहली छमाही की तुलना में 2024 की समान अवधि में 23 प्रतिशत बढ़ी है।

बांग्लादेश और चीन का असर

क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार इस साल जनवरी से जून के बीच भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या (एफटीए) 47.8 लाख थी, जो 2019 की पहली छमाही का लगभग 90 प्रतिशत है।रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य के कारण वहां से मांग में कमी आई है तथा चीन से सीधी उड़ानों के निलंबन से पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ा है।

ये दोनों देश भारत के लिए पर्यटकों के प्रमुख स्रोत थे और 2019 में एफटीए में इनकी हिस्सेदारी 27 प्रतिशत थी।

कतर, दुबई, श्रीलंका बने पसंद

इस बीच, रिपोर्ट में कहा गया है कि कतर, दुबई, वियतनाम और श्रीलंका जैसे देश अधिक किफायती विकल्पों और अनुकूल वीजा नीतियों के साथ पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ गंतव्य अपने कोविड-पूर्व स्तर को पार कर गए हैं। कतर में पहली छमाही में विदेशी पर्यटकों की संख्या 47 प्रतिशत, दुबई में 11 प्रतिशत, वियतनाम में चार प्रतिशत और श्रीलंका में 0.2 प्रतिशत बढ़ी है।इसके अलावा, अजरबैजान, जॉर्जिया और कजाकिस्तान जैसे उभरते गंतव्य आक्रामक अभियान चलाकर पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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