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Edible Oil Import Duty: आम चुनाव से पहले खाद्य तेलों के आयात शुल्क पर सरकार का बड़ा फैसला, मार्च 2025 तक रहेगा 12.5%

Edible Oil Import Duty: पिछले साल जून में रिफाइंड सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क 17.5% से घटाकर 12.5% कर दिया गया था। भारत सरकार ने खाद्य तेल पर आयात शुल्क को एक साल तक और कम रखने का फैसला किया है।

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खाद्य तेल पर आयात शुल्क

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • खाद्य तेलों पर आयात शुल्क रहेगा 12.5%
  • सरकार ने लिया बड़ा फैसला
  • मार्च 2025 तक रहेगा 12.5%

Edible Oil Import Duty: भारत सरकार ने खाद्य तेल (Edible Oil) पर आयात शुल्क (Import Duty) को एक साल तक और कम रखने का फैसला किया है। सरकार मार्च 2025 तक खाद्य तेल पर आयात शुल्क कम रखेगी। बता दें कि खाद्य तेलों में कच्चे पाम तेल, कच्चे सूरजमुखी तेल और कच्चे सोया तेल पर कम आयात शुल्क की समयसीमा इस साल मार्च में समाप्त होने वाली थी। मगर फिलहाल इसे एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया है। बता दें कि भारत विश्व में वनस्पति तेल का सबसे बड़ा आयातक है। पिछले साल जून में रिफाइंड सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क 17.5% से घटाकर 12.5% कर दिया गया था। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम तेल मंगाता है। वहीं अर्जेंटीना से सोयाबीन के अलावा थोड़ा कच्चा नरम तेल भी आयात किया जाता है। वहीं भारत में सूरजमुखी तेल यूक्रेन और रूस से आयात किया जाता है।

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क्यों कम रखा गया आयात शुल्क

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार वनस्पति तेल ब्रोकरेज कंपनी सनविन ग्रुप के सीईओ संदीप बाजोरिया के अनुसार ऐसे किसी फैसले की पहले से ही उम्मीद थी, क्योंकि सरकार चुनाव से पहले कीमतों (खाद्य तेल की कीमतों) को कंट्रोल में रखना चाहती है।

शीरे पर लगा निर्यात शुल्क

सरकार ने 18 जनवरी से शराब उत्पादन के लिए कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होने वाले गन्ने के सब-प्रोडक्ट शीरा (Molasses) के निर्यात पर 50% शुल्क लगाया है। वित्त मंत्रालय की एक अधिसूचना में कहा गया है कि चीनी के निष्कर्षण या शोधन से बने शीरे पर 50% निर्यात शुल्क लगेगा।

शुक्रवार को जारी इंडस्ट्री डेटा के अनुसार, कच्चे और रिफाइंड पाम तेल के शिपमेंट में कमी के नतीजे में दिसंबर में भारत का खाद्य तेल आयात सालाना आधार पर 16 प्रतिशत गिरकर 13.07 लाख टन रह गया।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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