IIP In September: सितंबर में आईआईपी में बड़ी गिरावट आई है। अगस्त में औद्योगिक उत्पादन 14 माह के टॉप पर पहुंचने के बाद सितंबर में आईआईपी 10.3 फीसदी से गिरकर 5.8 फीसदी पर आ गया है। इस गिरावट की प्रमुख वजह मांग कम होना और पिछला बेस इफेक्ट है। हालांकि अगर सितंबर 2022 से तुलना की जाय तो आईआईपी में तेजी देखी गई है। पिछले साल की तुलना में विनिर्माण और खनन क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में तेजी आई है।
आंकड़ों से साफ है कि औद्योगिक उत्पादन में मासिक आधार पर गिरावट आई है लेकिन सालाना आधार पर अच्छी वृद्धि है। आईआईपी में अप्रैल-सितंबर 2023 के दौरान छह प्रतिशत की वृद्धि हुई। एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 7.1 प्रतिशत था।
सालाना आधार पर कैसा है हाल
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2023 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 4.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसमें दो प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।समीक्षाधीन माह में खनन उत्पादन 11.5 प्रतिशत और बिजली उत्पादन 9.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा। एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा क्रमश: 5.2 प्रतिशत और 11.4 प्रतिशत था।
इंफ्रास्ट्रक्चर का कैसा हाल
कैपिटल वस्तुओं का इस साल सितंबर में 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह आंकड़ा 11.4 प्रतिशत था। समान अवधि में उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन एक प्रतिशत बढ़ा। उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन 2.7 प्रतिशत बढ़ गया।
बुनियादी ढांचे-निर्माण वस्तुओं ने 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। प्राथमिक वस्तुओं के उत्पादन में आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।मध्यवर्ती वस्तुओं का उत्पादन सितंबर में बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले इसी महीने में 1.7 प्रतिशत था।
