India Economic Conclave 2025: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव (IEC) 2025 में आज कई बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली-ग्रुरुग्राम के बीच जाम खत्म करने के लिए सरकार ने 6 लेन का टनल बनाने का फैसला किया है। इस पर काम शुरू करने के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर दिल्ली से देहरादून की यात्रा मात्र 2 घंटे में पूरी की जा सकेगी। यानी दिल्ली से देहरादून एक्सप्रेसवे पूरी तरह से खोल दिया है। इससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में बड़ी राहत मिलेगी। इतना नहीं, नितिन गडकरी ने आज कई चौंकाने वाले ऐलान किए। आइए जानते हैं उनके द्वारा कही गई प्रमुख बातें।
हाइवे और इंफ्रास्ट्रक्चर से विकास रफ्तार तेज हुई
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेहतर हाइवे और इंफ्रास्ट्रक्चर से टूरिज्म, ट्रेड, बिजनेस और कृषि को बड़ा बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि भारत माला परियोजना पूरी हो चुकी है, अब देशभर में ग्रीन एक्सप्रेसवे विकसित किए जा रहे हैं। दिल्ली से देहरादून एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो गया है। जल्द ही दिल्ली से सफर सिर्फ 2 घंटे में पूरा होगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी।
देशभर में टनल का जाल बिछाया जा रहा
उन्होंने कहा कि अटल टनल से लद्दाख-लेह को सालभर कनेक्टिविटी मिली है, जबकि 8 नई टनलों का निर्माण जारी है। जोजिला टनल का 80% काम पूरा हो चुका है, श्रीनगर में कुल 36 टनल बनाए जा रहे हैं। नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे बनने से देश में लॉजिस्टिक्स लागत 16% से घटकर 10% रह गई है। इस साल दिसंबर तक रोजाना 60 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य है, फिलहाल 40 किमी प्रतिदिन सड़क बनाई जा रही है। घटिया काम करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। देशभर में 260 रोपवे परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
एनुअल टोल पास से लोगों को बड़ी राहत मिली
FASTag एनुअल टोल पास से आम लोगों की टोल लागत बहुत कम हुई है। अब तक 30 लाख लोग एनुअल पास ले चुके हैं। InvIT के जरिए जुटाई गई राशि से इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है, आम निवेशकों को 8.5% ब्याज दिया जा रहा है।
कच्चे तेल का आयात पूरी तरह से खत्म करेंगे
इलेक्ट्रिक, एथनॉल और हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रांसपोर्ट लागत में कमी आई है। भविष्य में पूरी तरह से तेल आयत समाप्त करने की योजना है। भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये तेल आयात पर खर्च करता है और दुनिया के तीन सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है। अल्टरनेटिव फ्यूल के क्षेत्र में भारत नंबर वन बनेगा। आने वाले समय में एक दिन ऐसा आएगा जब तेल का आयात पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
ई20 फ्यूल का इंजन पर असर नहीं
ई20 फ्यूल पॉलिसी से इंजन को कोई नुकसान नहीं होता, ब्राजील में 1949 से इथेनॉल का उपयोग हो रहा है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बड़ा बदलाव आएगा
ट्रांसपोर्ट में बड़ा बदलाव आ रहा है। टाटा ने हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक लॉन्च किए हैं। वहीं मुंद्रा पोर्ट से इलेक्ट्रिक ट्रकों से परिवहन हो रहा है। जलमार्ग सस्ता परिवहन माध्यम है, 120 नदियों पर वाटरवेज विकसित किए गए। वाराणसी से हल्दिया तक 1350 किमी का जलमार्ग तैयार किया गया है। तालकटोरा रोड से गुरुग्राम तक छह लेन की टनल बनाई जाएगी, जो गुरुग्राम के बाहर निकलेगी। पराली और कचरे से इथेनॉल बनाकर प्रदूषण कम किया जा रहा है। हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है, इसका इस्तेमाल बस, ट्रक, ट्रेन और विमानों में भी होगा।
एक ही पिलर पर मल्टी यूज कर रहे हैं
नागपुर में एक ही पिलर पर नीचे सड़क, उसके ऊपर फ्लाईओवर और सबसे ऊपर मेट्रो का निर्माण किया गया है। पुणे से अहमदनगर के बीच एक ही पिलर पर तीन से चार लेयर, जिसमें सड़क, उसके ऊपर फ्लाईओवर, फिर फ्लाईओवर और सबसे ऊपर मेट्रो के जरिये ट्रांसपोर्ट सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
बेहतर इंफ्रा से लॉजिस्टिक्स लागत घटी
ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहतर होने से भारत में लॉजिस्टिक्स लागत 16% से घटकर 10% रह गई है। देश में पानी की कोई कमी नहीं है, बल्कि पानी के बेहतर नियोजन की जरूरत है। ट्रांसपोर्ट लागत के लिहाज से जलमार्ग सबसे सस्ता माध्यम है। सड़क परिवहन में जहां 10 रुपये, रेल परिवहन में 6 रुपये खर्च होते हैं, वहीं जलमार्ग से सिर्फ 1 रुपये की लागत आती है।
फॉसिल फ्यूल से बढ़ रहा प्रदूषण
भारत की ऊर्जा जरूरतों का लगभग 40% अब भी फॉसिल फ्यूल से पूरा होता है। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है। इसे कम करना होगा। पराली से इथेनॉल बनाया जा रहा है। गाजीपुर में कचरे के पहाड़ की ऊंचाई 7 फीट तक कम की गई है। हाइवे के नीचे कचरा डालकर कचरे के पहाड़ को कम करने का काम किया जा रहा है। दिल्ली में प्रदूषण के कारण औसतन जीवन प्रत्याशा 10 साल तक कम हो सकती है, हालांकि इस समस्या को खत्म किया जा सकता है।
हवाई ईंधन भी देश में बनाएंगे
हम हवाई ईंधन भी देश में ही तैयार करेंगे। सशक्त अर्थव्यवस्था के लिए स्वदेशी जरूरी है, जो मेक इन इंडिया के बिना संभव नहीं है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और मजबूत तथा बेहतर बनाया जाएगा। टाटा ने एक विदेशी कंपनी के साथ जॉइंट वेंचर में 135-सीटर बस तैयार करने के लिए साझेदारी की। इस बस का किराया डीजल बस की तुलना में 30% कम होगा और इसमें टीवी जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
पानी में उतरने वाला विमान 1 जनवरी से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हवा में चलने वाली डबल डेकर बस चलाने की भी योजना है।
रोजगार सृजन से गरीबी खत्म होगी
निवेश केवल वेल्थ नहीं, रोजगार भी पैदा करता है। रोजगार सृजन से गरीबी खत्म होगी और पीएम मोदी का लक्ष्य भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का है। वह पूरा हो पाएगा।
