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Hyundai Motors IPO: पहले दिन 18 फीसदी सब्सक्राइब हुआ Hyundai IPO, 27870 करोड़ जुटाने का प्लान

Hyundai Motors IPO: दो दशक के बाद कोई वाहन विनिर्माता कंपनी अपना आईपीओ ला रही है। इससे पहले जापान की वाहन विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी 2003 में आईपीओ लाई थी।मूल कंपनी हुंदै बिक्री पेशकश मार्ग के माध्यम से अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच रही है। चूंकि यह सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह से ओएफएस है, इसलिए एचएमआईएल को आईपीओ से कोई राशि नहीं मिलेगी।

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हुंडई आईपीओ

Photo : Times Now Digital

Hyundai Motors IPO:दक्षिण कोरियाई वाहन विनिर्माता हुंदै की भारतीय इकाई हुंदै मोटर इंडिया लि. के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को मंगलवार को बोली के पहले दिन 18 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला।एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत 1,77,89,457 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जबकि पेशकश 9,97,69,810 शेयर की है।आईपीओ को पहले दिन नौ लाख से अधिक आवेदन मिले।

किसने कितना किया सब्सक्राइब

खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईआई) की श्रेणी में 26 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी को 13 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला। योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) का कोटा पांच प्रतिशत भरा।हुंदै मोटर इंडिया लि. (एचएमआईएल) ने सोमवार को एंकर निवेशकों से 8,315 करोड़ रुपये जुटाए थे।यह भारत में सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का 21,000 करोड़ रुपये का आईपीओ सबसे बड़ा था।कंपनी ने बताया कि एचएमआईएल का आईपीओ 17 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी ने कहा कि प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह प्रवर्तक हुंदै मोटर कंपनी द्वारा 14,21,94,700 इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित है।

ऑटो सेक्टर के लिए अहम

यह आईपीओ भारतीय उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दो दशक के बाद कोई वाहन विनिर्माता कंपनी अपना आईपीओ ला रही है। इससे पहले जापान की वाहन विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी 2003 में आईपीओ लाई थी।मूल कंपनी हुंदै बिक्री पेशकश मार्ग के माध्यम से अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच रही है। चूंकि यह सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह से ओएफएस है, इसलिए एचएमआईएल को आईपीओ से कोई राशि नहीं मिलेगी।ऊपरी मूल्य दायरे पर आईपीओ का आकार 27,870 करोड़ रुपये और कंपनी का बाजार मूल्यांकन निर्गम के बाद लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।एचएमआईएल ने 1996 में भारत में परिचालन शुरू किया था और यह विभिन्न खंड में 13 मॉडल बेच रही है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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