बिजनेस

Hurun India Philanthropy List: अंबानी या अडानी नहीं, बल्कि ये हैं भारत के सबसे बड़े परोपकारी, दान किए 1,161 करोड़ रु

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 20, 2022, 06:08 PM IST

Hurun India Philanthropy List: इस साल हुरुन इंडिया परोपकार सूची में 120 करोड़ रुपये के दान के साथ 63 वर्षीय रोहिणी नीलेकणी देश की सबसे उदार महिला परोपकारी हैं।

Image

अंबानी या अडानी नहीं, बल्कि ये हैं भारत के सबसे बड़े दानवीर

Photo : BCCL

नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएल (HCL) के संस्थापक शिव नादर (Shiv Nadar) 1,161 करोड़ रुपये के वार्षिक दान के साथ देश के सबसे बड़े परोपकारी बनकर उभरे हैं। एडलगिव हुरुन इंडिया परोपकार सूची 2022 से यह जानकारी मिली। रिपोर्ट के अनुसार 77 वर्षीय नादर ने प्रतिदिन तीन करोड़ रुपये दान देने के साथ 'भारत के सबसे उदार' व्यक्ति का खिताब हासिल किया।

विप्रो (Wipro) के 77 वर्षीय अजीम प्रेमजी (Azim Premji) पिछले दो वर्षों से लगातार शीर्ष स्थान पर रहने के बाद इस साल दूसरे स्थान पर खिसक गए। उन्होंने 484 करोड़ रुपये का वार्षिक दान दिया। भारत के सबसे अमीर व्यक्ति 60 वर्षीय गौतम अडाणी इस सूची में सातवें स्थान पर हैं। उन्होंने 190 करोड़ रुपये दान किए।

15 लोगों ने दान किए 100 करोड़ से ज्यादा पैसे

एडलगिव हुरुन इंडिया परोपकार सूची 2022 (Hurun India Philanthropy List) के मुताबिक भारत में कुल 15 व्यक्तियों ने 100 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक दान दिया, इसके बाद 20 व्यक्तियों ने 50 करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया और इसके बाद 43 व्यक्तियों ने 20 करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लार्सन एंड टुब्रो के समूह चेयरमैन 80 वर्षीय ए एम नाइक ने 142 करोड़ रुपये का दान दिया और वह देश के सबसे उदार पेशेवर प्रबंधक हैं। जेरोधा के नितिन कामत (Nithin Kamath) और निखिल कामत (Nikhil Kamath) ने अपने दान को 300 प्रतिशत बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया।

टॉप 10 दानदाताओं में माइंडट्री के को-फाउंडर

माइंडट्री के सह-संस्थापक सुब्रतो बागची और एन एस पार्थसारथी शीर्ष 10 दानदाताओं में शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक ने 213 करोड़ रुपये दान दिए।

क्वेस कॉरपोरेशन के चेयरमैन अजीत इसाक ने भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु को 105 करोड़ रुपये दान में दिए। वह दानियों की सूची में 12वें स्थान पर रहे।

इंडिगो एयरलाइंस के सह-प्रवर्तक राकेश गंगवाल ने आईआईटी, कानपुर को 100 करोड़ रुपये दान में दिये। रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये से अधिक देने वाले दाताओं की संख्या दो से बढ़कर 15 हो गई है। हुरुन इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा, ''अरबपति परोपकार के कार्यों में शामिल रहते हैं और मुझे उम्मीद है कि ये संख्या अगले पांच वर्षों में कम से कम दोगुनी हो जाएगी।''

लिस्ट में छह महिलाएं शामिल

इ‍्ंफोसिस के नंदन नीलेकणि, क्रिस गोपालकृष्णन और एस डी शिबूलाल ने क्रमशः 9वें, 16वें और 28वें स्थान पर रहते हुए 159 करोड़ रुपये, 90 करोड़ रुपये और 35 करोड़ रुपये का दान दिया। इस साल सूची में 19 नये नाम जोड़े गए, जिन्होंने कुल 832 करोड़ रुपये का दान दिया। इस साल की सूची में छह महिलाएं शामिल हैं और 120 करोड़ रुपये के दान के साथ 63 वर्षीय रोहिणी नीलेकणी देश की सबसे उदार महिला परोपकारी हैं।

End of Article